
बी.लिब. और एम.लिब. दोनों पाठ्यक्रमों में प्रथम स्थान प्राप्त कर रचा सफलता का स्वर्णिम इतिहास
Kpn24.com जांजगीर-चांपा 04 नवंबर 2026
शिक्षा के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा, मेहनत और लगन का लोहा मनवाते हुए जांजगीर-चांपा जिले की श्रीमती ज्योति सोनी ने शानदार उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने बी.लिब. और एम.लिब. दोनों पाठ्यक्रमों में प्रथम स्थान प्राप्त कर दो स्वर्ण पदक अपने नाम किए हैं। उनकी इस गौरवपूर्ण सफलता से न केवल परिवार, बल्कि पूरे जांजगीर-चांपा जिले का मान बढ़ा है।
पंडित सुंदरलाल शर्मा विश्वविद्यालय, बिलासपुर में आयोजित दीक्षांत समारोह में श्रीमती ज्योति सोनी को उनकी उत्कृष्ट शैक्षणिक उपलब्धि के लिए स्वर्ण पदकों से सम्मानित किया गया। 03 नवंबर 2025 को आयोजित इस समारोह में छत्तीसगढ़ के महामहिम राज्यपाल रमेन डेका की गरिमामयी उपस्थिति रही। साथ ही प्रदेश के उपमुख्यमंत्री अरुण साव, विधायकगण, जनप्रतिनिधि एवं अन्य गणमान्यजन भी उपस्थित रहे।
दो पाठ्यक्रमों में प्रथम स्थान, मेहनत को मिला सम्मान
श्रीमती ज्योति सोनी, स्वर्गीय लीलाम्बर प्रसाद सोनी की पुत्रवधू एवं तनेन्द्र कुमार सोनी की पत्नी हैं। उन्होंने बैचलर ऑफ लाइब्रेरी एंड इंफॉर्मेशन साइंस (बी.लिब.) तथा मास्टर ऑफ लाइब्रेरी एंड इंफॉर्मेशन साइंस (एम.लिब.) दोनों पाठ्यक्रमों में प्रथम स्थान हासिल कर यह उपलब्धि अर्जित की है।
दोनों पाठ्यक्रमों में उत्कृष्ट प्रदर्शन उनकी निरंतर मेहनत, अनुशासन, लगन और शिक्षा के प्रति समर्पण का प्रमाण है। उनकी यह सफलता दर्शाती है कि दृढ़ इच्छाशक्ति और निरंतर परिश्रम के बल पर किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
जिले की बेटियों और विद्यार्थियों के लिए बनीं प्रेरणास्रोत
श्रीमती ज्योति सोनी की इस उपलब्धि से जिले में हर्ष और गौरव का माहौल है। उनकी सफलता विशेष रूप से उन छात्राओं और विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक है, जो शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़कर अपनी पहचान बनाना चाहते हैं।
उनकी उपलब्धि ने यह संदेश दिया है कि प्रतिभा, परिश्रम और समर्पण के संग सफलता के सर्वोच्च शिखर तक पहुंचा जा सकता है।
इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर परिवारजनों, शुभचिंतकों एवं क्षेत्रवासियों ने श्रीमती ज्योति सोनी को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
दो स्वर्ण पदक, दो पाठ्यक्रमों में प्रथम स्थान—ज्योति सोनी की यह उपलब्धि जांजगीर-चांपा जिले के लिए गर्व का विषय और शिक्षा जगत में प्रेरणा का स्वर्णिम अध्याय है।










