
‘वोकल फॉर लोकल’ को बड़ा बढ़ावा: कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश, ग्रामीण शिल्पकारों को बाजारों में मिलेगी प्राथमिकता
Kpn24.com जांजगीर-चांपा 5 नवंबर 2026
दीपावली के पावन पर्व पर रोशनी फैलाने वाले माटी के कलाकारों के लिए एक बेहद राहतभरी और सकारात्मक खबर सामने आई है। स्थानीय कुम्हारों और ग्रामीण शिल्पकारों को प्रोत्साहित करने तथा उनके स्वनिर्मित उत्पादों के विक्रय को सुगम बनाने के लिए कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने जिले के समस्त नगरीय निकायों और ग्राम पंचायतों को सख्त और स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं।
कलेक्टर के इस जनहितैषी आदेश के बाद अब त्यौहार के सीजन में स्थानीय कारीगरों को व्यापार करने में किसी भी प्रकार की अड़चन या परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
आदेश की मुख्य बातें
टैक्स और शुल्क फ्री व्यापार: दीये बेचने आने वाले कुम्हारों और ग्रामीण शिल्पकारों से किसी भी प्रकार का कर (Tax) या शुल्क (Fee) नहीं लिया जाएगा।
प्रमुख स्थानों पर प्राथमिकता: दीपावली के दौरान लगने वाले हाट-बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर मिट्टी के दीयों के विक्रय के लिए स्थानीय कारीगरों को प्राथमिकता के आधार पर उचित स्थान उपलब्ध कराया जाएगा।
सहयोगात्मक रवैया: निर्देश दिए गए हैं कि बाजारों में बैठने वाले इन मेहनतकश ग्रामीणों के साथ पूरी सहयोगात्मक भावना से व्यवहार किया जाए, ताकि उन्हें किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
कलेक्टर की अपील: “इस दीपावली खरीदें सिर्फ स्वदेशी और माटी के दीये”
कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने सिर्फ प्रशासनिक निर्देश तक ही सीमित न रहते हुए, सीधे जिले की आम जनता से एक भावनात्मक अपील की है। उन्होंने सभी जिलावासियों से आग्रह किया है कि इस दीपावली पर्व पर चाइनीज या अन्य फैंसी सामानों की जगह स्थानीय कुम्हारों के बनाए मिट्टी के दीयों का ही उपयोग करें।










