
kpn24.com रायपुर 05 अक्टूबर 2026
छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज के अधिकारी-कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) की बहाली की मांग को लेकर सोमवार को राजधानी रायपुर में अपनी ताकत दिखाई। विद्युत कंपनी मुख्यालय डंगनिया के मुख्य द्वार पर ‘विद्युत अधिकारी-कर्मचारी ओपीएस बहाली अधिकार मंच’ के बैनर तले प्रदेशभर से पहुंचे हजारों अधिकारी-कर्मचारियों ने विशाल आमसभा कर पुरानी पेंशन लागू करने की मांग बुलंद की।
प्रदेश के विभिन्न विद्युत कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी और सदस्य हाथों में अपनी मांगों से जुड़े संदेश लेकर पहुंचे और जोरदार नारेबाजी के साथ ओपीएस बहाली की मांग की। आमसभा में वक्ताओं ने कहा कि राज्य शासन में पुरानी पेंशन योजना लागू होने के बावजूद विद्युत कंपनी के हजारों अधिकारी-कर्मचारी अभी भी इस लाभ से वंचित हैं।
18 नवंबर को सामूहिक कामबंद की चेतावनी
आंदोलन के दौरान अधिकार मंच ने विद्युत प्रबंधन और प्रदेश सरकार को स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि पुरानी पेंशन योजना लागू करने की दिशा में ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो 18 नवंबर 2026 को सामूहिक कामबंद कर सामूहिक अवकाश लिया जाएगा। मंच ने कहा कि मांग पूरी नहीं होने की स्थिति में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
आमसभा को अधिकार मंच से जुड़े रमा पांडेय, अजय शर्मा, निशांत मुंडेजा, तेज प्रताप सिन्हा, वासुदेव भगत, राम इकबाल सिंह, धर्मेंद्र देवांगन, श्रीकांत बड़गैय्या, अनिल द्विवेदी, आरसी चेट्टी, मनोज वर्मा और श्रीकांत सिंह ठाकुर सहित अन्य पदाधिकारियों ने संबोधित किया।
2023 में मिली थी सैद्धांतिक सहमति
अधिकार मंच के पदाधिकारियों ने कहा कि ऊर्जा विभाग द्वारा 6 अक्टूबर 2023 को विद्युत कंपनी के कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन लागू करने संबंधी सैद्धांतिक सहमति दी जा चुकी है। इसके बावजूद अब तक ओपीएस लागू करने का आदेश जारी नहीं हुआ है। इससे कर्मचारियों में असंतोष बना हुआ है।
मंच के अनुसार प्रदेश में करीब 8,500 से 9,000 विद्युत अधिकारी-कर्मचारी पुरानी पेंशन योजना के लाभ से वंचित हैं। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से मांग उठाए जाने के बावजूद निर्णय नहीं होने के कारण अब आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है।
प्रबंधन और सरकार को सौंपा संयुक्त ज्ञापन
आमसभा के बाद अधिकार मंच की ओर से विद्युत प्रबंधन और प्रदेश सरकार के नाम संयुक्त ज्ञापन सौंपकर पुरानी पेंशन योजना लागू करने की मांग की गई। मंच ने संकेत दिया कि यदि जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं हुआ तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से और तेज किया जाएगा।
12 कर्मचारी संगठनों का संयुक्त मंच
पुरानी पेंशन की मांग को लेकर गठित अधिकार मंच में प्रदेश के 12 कर्मचारी एवं अधिकारी संगठन शामिल हैं। इनमें अभियंता संघ, पत्रोपाधि अभियंता संघ, फेडरेशन-1, कर्मचारी जनता यूनियन, आरक्षित वर्ग अधिकारी-कर्मचारी संघ, इंटक-56, ऑफिसर एसोसिएशन, तकनीकी कर्मचारी एकता यूनियन, डॉक्टर एसोसिएशन, तकनीकी कर्मचारी संघ, बिजली कर्मचारी संघ-महासंघ और कार्यालयीन कर्मचारी संघ शामिल हैं।










