
मनीष विद्यार्थी उज्जैन मध्यप्रदेश
kpn24.com उज्जैन 15 अक्टूबर 2026
शरद पूर्णिमा की शीतल चांदनी, ध्यान की गहराई और भीतर के आनंद को अनुभव करने का अनूठा अवसर उज्जैन में मिलने जा रहा है। सद्गुरु ओशो की ध्यान परंपरा से प्रेरित चार दिवसीय ओशो विपश्यना ध्यान शिविर का आयोजन 23 से 27 अक्टूबर तक इंदौर-उज्जैन मार्ग स्थित तक्षशिला स्कूल के पीछे ओशो महाकाल धाम आश्रम में किया जाएगा। शिविर का शुभारंभ 23 अक्टूबर को शाम 6 बजे होगा।
ध्यान, मौन और आनंद की अनुभूति पर रहेगा जोर
शिविर का उद्देश्य साधकों को बुद्ध के ध्यान मार्ग और सद्गुरु ओशो की ध्यान दृष्टि के माध्यम से प्रेम, मौन, मस्ती, आनंद और साक्षी भाव का अनुभव कराना है। इस दौरान साधकों को स्वयं के भीतर उतरने, मन की चंचलता से मुक्त होने और अपने अस्तित्व को गहराई से समझने का अवसर मिलेगा।
शिविर में आनापान, विपश्यना और चक्रमण सहित विभिन्न ध्यान विधियों का अभ्यास कराया जाएगा। शरद पूर्णिमा की चांदनी रात में ध्यान के माध्यम से साधक मौन, शांति और आत्मिक आनंद की अनुभूति करेंगे।
मां मधुसूदन मीरा और स्वामी बोधि निजेन के सानिध्य में होगा संचालन
ओशो महाकाल धाम आश्रम में आयोजित इस विशेष शिविर का संचालन मां मधुसूदन मीरा और स्वामी बोधि निजेन के सानिध्य में किया जाएगा। आयोजकों के अनुसार, यह आयोजन केवल ध्यान अभ्यास तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि साधकों को अपने भीतर झांकने, वर्तमान क्षण में जीने और जीवन को अधिक सजगता से अनुभव करने की प्रेरणा भी देगा।
साधकों से सहभागिता की अपील
स्वामी योगेन्द्र भारती और नवीन सोलंकी ने बताया कि शिविर में सहभागिता के लिए स्वामी बोधि सागर हिमांशु, मां प्रेम वर्षा, स्वामी हर्षद नागर, स्वामी सुदर्शन दुबे, मां दिव्याम कांता, मां प्रेम अंजु, मां प्रेम रेणुका, स्वामी योग मनीष और स्वामी प्रेम मानव ने भी आग्रह किया है।
आयोजन के माध्यम से साधकों को प्रेम, आनंद और अहोभाव के साथ स्वयं को जानने का अवसर प्रदान करने का प्रयास किया जा रहा है।
शरद पूर्णिमा की चांदनी में ध्यान, मौन और आत्मिक आनंद का यह आयोजन साधकों के लिए अपने भीतर की यात्रा शुरू करने का विशेष अवसर बनेगा।










