
19 मवेशियों को कराया गया था मुक्त, करीब 2.50 लाख रुपये आंकी गई थी कीमत; पहले एक आरोपी जा चुका है जेल
Kpn24.com जांजगीर-चांपा 28 अक्टूबर 2026
मवेशियों को कथित तौर पर मारते-पीटते और बिना चारा-पानी के हांककर ले जाने के मामले में पामगढ़ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। मामले में लंबे समय से फरार चल रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। इससे पहले पुलिस इस प्रकरण में एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। मामले में कुल 19 मवेशियों को जब्त किया गया था, जिनकी कीमत करीब 2.50 लाख रुपये बताई गई है।
मुखबिर की सूचना पर हुई थी कार्रवाई
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 6 अक्टूबर 2026 को पामगढ़ पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम बोरसी निवासी रामसागर महिलांगे उर्फ ढुलू (55 वर्ष) अपने साथियों के साथ मवेशियों को मारते-पीटते और बिना चारा-पानी के हांकते हुए ग्राम डोंगाकोहरौद की ओर ले जा रहा है।
सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक जांजगीर-चांपा विजय कुमार पाण्डेय (आईपीएस) के निर्देशन में पामगढ़ पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की। इस दौरान रामसागर महिलांगे उर्फ ढुलू को पकड़कर पूछताछ की गई। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने घटना में शामिल होना स्वीकार किया था। इसके बाद उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया था।
दो फरार आरोपियों पर भी कसा शिकंजा
इस मामले में ग्राम कोसा निवासी सरोज कुमार यादव (54 वर्ष) और ग्राम बोरसी निवासी तुम्मन यादव (21 वर्ष) घटना के बाद से फरार चल रहे थे। पुलिस उनकी तलाश में जुटी थी। इसी बीच मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर दोनों को पकड़ लिया गया।
पुलिस के अनुसार, हिरासत में पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने अपराध स्वीकार किया, जिसके बाद उन्हें विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
19 मवेशियों की हुई थी जब्ती
पुलिस ने इस प्रकरण में पहले ही 7 भैंसियों और 12 भैंसों सहित कुल 19 मवेशियों को जब्त किया था। इनकी अनुमानित कीमत करीब 2 लाख 50 हजार रुपये बताई गई है। मामले में छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम, 2004 की धारा 4, 6 और 10 के तहत कार्रवाई की गई है।
पुलिस टीम की रही अहम भूमिका
इस कार्रवाई में पामगढ़ थाना प्रभारी निरीक्षक राकेश सूर्यवंशी, प्रशिक्षु उपनिरीक्षक कविता टंडन, सहायक उपनिरीक्षक कृष्ण कुमार कोशले, प्रधान आरक्षक राजेश कोशले तथा आरक्षक भुनेश्वर पटेल और सीताराम सूर्यवंशी का सराहनीय योगदान रहा।










