
‘गेंदा तिहार’ बना टर्निंग पॉइंट: कलेक्टर-जिला पंचायत अध्यक्ष ने किसानों को दिया नया गुरुमंत्र—”अब खेत बनेगा सोने की खान”
Kpn24.com जांजगीर-चांपा 3 नवंबर 2026
धान और गेहूं के पारंपरिक चक्र से बाहर निकलकर क्या छत्तीसगढ़ का किसान अब मालामाल बनने की राह पर चल पड़ा है? जांजगीर-चांपा जिले में सोमवार को कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जब कृषि विज्ञान केंद्र में ‘गेंदातिहार’ का भव्य आगाज हुआ। यह सिर्फ एक जलसा नहीं, बल्कि किसानों की तकदीर और तस्वीर बदलने का एक नया ब्लूप्रिंट था, जहां जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने मिलकर किसानों को ‘फ्लोरीकल्चर’ (फूलों की खेती) का ऐसा मंत्र दिया जो उनकी कमाई को कई गुना बढ़ा सकता है।
गेंदा फूल: किसानों के लिए नया ‘गोल्डन एसेट’
आज के समय में शादी-ब्याह से लेकर धार्मिक और सामाजिक आयोजनों तक—फूलों की डिमांड आसमान छू रही है। कार्यक्रम में मौजूद कलेक्ट जन्मेजय महोबे ने इस बिजनेस पोटेंशियल को भांपते हुए किसानों को एक दमदार विजन दिया।
कलेक्टर ने दो टूक अंदाज में कहा—
“अब सिर्फ पारंपरिक खेती पर निर्भर रहने का वक्त लद चुका है। गेंदा और अन्य फूलों की मार्केट डिमांड सालभर बनी रहती है। अगर किसान मिट्टी परीक्षण (Soil Testing) करवाकर वैज्ञानिक तरीकों से उद्यानिकी फसलों को अपनाएं, तो उनका खेत सचमुच मुनाफे का सौदा बन जाएगा।”
कृषि विविधीकरण (Crop Diversification) का समय आ गया है!
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही जिला पंचायत अध्यक्ष इंजी. श्रीमती सत्यलता आनंद मिरी ने भी किसानों में जोश भरते हुए कहा कि जांजगीर की उपजाऊ मिट्टी किसी खजाने से कम नहीं है। उन्होंने आह्वान किया कि किसानों को अब लीक से हटकर हॉर्टिकल्चर और फ्लोरीकल्चर की ओर कदम बढ़ाना चाहिए। वहीं, जिला पंचायत सदस् राजकुमार साहू ने भी सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर खेती को आधुनिक बनाने की बात कही।
मंच पर सम्मानित हुए ‘खेती के धुरंधर’
इस खास मौके पर सिर्फ बातें ही नहीं हुईं, बल्कि कृषि के क्षेत्र में नया इतिहास रचने वाले प्रगतिशील किसानों को मंच पर सम्मानित कर उनका हौसला बढ़ाया गया।
इस हाई-प्रोफाइल इवेंट में कृषि महाविद्यालय के डी मनीष कुमार, उप संचालक कृष राकेश शर्मा, सहायक संचालक उद्यानिकी श्रीमती रंजना मखीजा, केवीके प्रमुख श्री महंत सहित क्षेत्र के तमाम दिग्गज किसान और कृषि छात्र-छात्राएं भारी संख्या में मौजूद रहे।










