
Kpn24.com जांजगीर-चांपा 04 नवंबर 2026
छत्तीसगढ़ में अवैध नशे के सौदागरों की अब खैर नहीं है! जांजगीर-चांपा पुलिस ने ‘एंड-टू-एंड’ (End-to-End) विवेचना का तगड़ा जाल बिछाते हुए गांजा तस्करी के एक बड़े मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी को ओडिशा से धर दबोचा है। पुलिस की इस दबंग कार्रवाई से नशा तस्करों में हड़कंप मच गया है।
क्या था पूरा मामला?
बीती 01 अगस्त 2026 को जांजगीर पुलिस को एक सॉलिड टिप मिली थी कि कुछ शातिर तस्कर कार और मोटरसाइकिल के जरिए भारी मात्रा में गांजा लेकर चांपा की तरफ आ रहे हैं।
बिना वक्त गंवाए, थाना प्रभारी बिर्रा (निरीक्षक राजीव श्रीवास्तव) के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तुरंत एक्शन लिया और ग्राम बसंतपुर के पास महानदी के किनारे तस्करों को घेरकर चार आरोपियों को दबोच लिया था। उस वक्त पुलिस ने उनके चंगुल से 26.8 किलोग्राम गांजा बरामद किया था, जिसकी मार्केट में कीमत करीब ₹13,40,000 (13.40 लाख रुपये) आंकी गई थी।
ओडिशा तक फैला था नेटवर्क, ऐसे चढ़ा हत्थे मास्टरमाइंड
पकड़े गए आरोपियों से जब पुलिस ने ‘एंड-टू-एंड’ स्टाइल में पूछताछ की, तो इस अवैध कारोबार के पीछे एक और बड़ा नाम सामने आया—नारायण राणा।
गांजा सप्लाई करने वाले इस मास्टरमाइंड की तलाश में जांजगीर पुलिस ने सुराग जुटाए और सीधा ओडिशा जा पहुंची। पुलिस ने दबिश देकर आरोपी नारायण राणा (पिता लक्ष्मण राणा, उम्र 27 वर्ष, निवासी तिलाईमाल, हाल मुकाम कुलुताजोर, थाना घंटापड़ा, जिला बौद्ध, ओडिशा) को उसके घर से दबोच लिया।
सलाखों के पीछे पहुंचा तस्कर
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 99/2026, धारा 20(बी), 29 एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) के तहत ताबड़तोड़ वैधानिक कार्रवाई करते हुए उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
एसपी का सख्त संदेश: पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय (IPS) के सख्त निर्देशों के बाद से जिले में अवैध मादक पदार्थों और नशे के खिलाफ लगातार ताबड़तोड़ कार्रवाई जारी है। पुलिस का साफ कहना है कि नशे के इस नेटवर्क की जड़ें चाहे जितनी गहरी हों, पुलिस हर तस्कर तक पहुंचकर ही दम लेगी।
इस सनसनीखेज और सफल कार्रवाई को अंजाम देने में थाना बिर्रा और पुलिस सहायता केंद्र करही के जांबाज पुलिस स्टाफ की भूमिका बेहद अहम रही।










