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108 एंबुलेंस चालक की रिश्वतखोरी से युवक की मौत, परिजनों ने की कड़ी कार्रवाई की मांग

मनीष विद्यार्थी बुरहानपुर।
KPN24 :- 108 एंबुलेंस सेवा, जिसे आपातकालीन स्थिति में मरीजों की जान बचाने के लिए सबसे कारगर माना जाता है, उसी सेवा से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। बुरहानपुर जिले के सातपायरी क्षेत्र में एक 18 वर्षीय युवक कीटनाशक पीने के बाद गंभीर हालत में था, लेकिन समय पर इलाज न मिलने के कारण उसकी मौत हो गई। परिजनों ने इस मौत के लिए 108 एंबुलेंस चालक की रिश्वतखोरी और लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है।
घटना नेपानगर के सातपायरी इलाके की है। अर्जुन, पिता जाम सिंह (उम्र 18 वर्ष), मानसिक तनाव में घर से बाहर गया था और वहीं उसने कीटनाशक पी लिया। घर लौटने के बाद उसे उल्टियां होने लगीं और तबीयत बिगड़ती देख परिजनों ने तुरंत 108 एंबुलेंस को कॉल किया।
थोड़ी देर बाद एंबुलेंस मौके पर पहुंची और अर्जुन को स्ट्रेचर पर रखकर वाहन में लिटाया गया। तभी एंबुलेंस चालक ने परिजनों से ₹500 की डिमांड की और धमकी दी कि अगर पैसे नहीं दिए गए तो वह वाहन को धीमी गति से चलाएगा, लेकिन अगर पैसे दिए गए तो वह तेज़ी से जिला अस्पताल ले जाएगा।
फोन पे किया 400 ट्रांसफर, फिर भी धीमी रफ्तार से पहुंची एंबुलेंस….
परिजनों ने युवक की गंभीर हालत देखते हुए एंबुलेंस चालक को 400 फोन पे के माध्यम से ट्रांसफर कर दिए। इसके बावजूद चालक ने एंबुलेंस को धीमी गति से ही चलाया। काफी समय बाद जब एंबुलेंस जिला अस्पताल बुरहानपुर पहुंची, तब तक अर्जुन की हालत बहुत बिगड़ चुकी थी और डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
परिजनों का आरोप— रिश्वत और लापरवाही बनी मौत की वजह…..
अर्जुन के परिजन शिवा और कैलाश ने एंबुलेंस चालक पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अगर वह समय पर अस्पताल पहुंचा देता तो शायद अर्जुन की जान बचाई जा सकती थी। लेकिन पैसे लेने के बावजूद चालक ने जानबूझकर वाहन धीमी गति से चलाया, जिससे अस्पताल पहुंचने में देरी हुई और अर्जुन की मौत हो गई।
सूत्र बताते है कि यह कोई पहला मामला नहीं है। जिले में 108 एंबुलेंस चालकों द्वारा 200 से 500 तक की मांग करना आम बात हो गई है। अगर कोई मना करता है, तो वे कोई न कोई बहाना बनाकर एंबुलेंस लेट चलाते हैं या मरीज को समय पर नहीं पहुंचाते।
एंबुलेंस इंचार्ज ने कहा— दोषी पाए जाने पर होगी सख्त कार्रवाई…..
इस घटना पर 108 एंबुलेंस सेवा के जिला इंचार्ज अंकित नागर ने कहा, “अगर हमारे चालक ने पैसे लिए हैं और जांच में यह बात सामने आती है, तो उसे तत्काल प्रभाव से टर्मिनेट किया जाएगा। हम इस तरह की घटनाओं को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करेंगे।”
उन्होंने बताया कि इस मामले की जांच शुरू कर दी गई है और पीड़ित परिवार से बयान दर्ज किए जा रहे हैं। चालक का बयान भी लिया जाएगा।
चालकों में हड़कंप, सेवा की साख पर सवाल……..
इस घटना के बाद जिलेभर के 108 एंबुलेंस चालकों में हड़कंप मचा हुआ है। लगातार हो रहे भ्रष्टाचार के मामलों से सेवा की साख पर सवाल उठ रहे हैं। आम जनता का विश्वास इस आपातकालीन सेवा से डगमगाने लगा है।
स्वास्थ्य विभाग और संबंधित प्रशासन को चाहिए कि वे 108 एंबुलेंस सेवाओं की नियमित निगरानी करें।
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Author: Kpn 24

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