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प्लास्टिक मुक्ति का संकल्प, उपयोग पकड़े गए तो देना पड़ सकता है 5 हजार तक का जुर्माना

मनीष विद्यार्थी बुरहानपुर।

KPN24:- देशभर को स्वच्छ भारत-स्वथ्य भारत मिशन दिए करीब 11 साल पूरे हो चुके है। घर-घर शौचालय बनाने से शुरु हुआ यह सिलसिला अब सिंगल यूज प्लॉस्टिक पर आकर थम गया है। सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग से नाले और नालियों के चौक होने और मच्छर और डेंगू जैसे संक्रामक रोग पनपने से लेकर नदियों को प्रदुषित करने और मवेशियों की मौत तक का सफर आज भी जारी है। इस पर रोक लगाने के लिए जहां बड़े-बड़े नगरीय निकाय और उच्च शिक्षित समुदाय तक सफल नहीं हो पा रहा है वहां जिले की एक छोटी सी पंचायत ने इससे सख्ती से निपटने का संकल्प लिया है। न सिर्फ संकल्प लिया बल्कि इसका सख्ती से पालन भी किया जाना है। जिसकी अनदेखी करने पर 5 हजार रुपए तक का जुर्माना भी ग्राम पंचायत को देना पड़ सकता है। एक छोटा सा सवाल, क्या हम इसके लिए जतन नहीं कर सकते है।

बता दें कि शहरभर में यूं तो नालों के चैनलाईजेशन का काम लाखों की लागत से किया जा रहा है। जिससे यह सुविधा होगी कि शहर की सभी ड्रेनेज एकरुप होकर बहेंगी और शहर से बाहर ले जाकर इन्हें छोड़ा जाएगा। लेकिन सिंगल यूज प्लास्टिक नगर निगम के लिए भी बड़ा सिरदर्द है और इससे निपटने के लिए अब तक के सारे जतन नाकाफी ही साबित हुए है। क्योंकि दुकानों और ठेले वालों का चेकिंग अभियान और अमानत पन्नियां कई बार जब्त की जा चुकी है लेकिन हालात जस के तस है।
पर्यावरण के लिए हम गंभीर, प्लॉस्टिक से लडऩा होगी जंग
बता दें कि सांसद विधायक से लेकर जिला प्रशासन और सत्ताधारी संगठन तक जिले में पर्यावरण को लेकर गंभीर है और बरसात की शुरुआत से पहले ही जल गंगा संर्वधन अभियान के तहत पारंपरिक जल स्त्रोतों को सहेजने से लेकर उन्हें पुर्नजीवित करने तक और पौधरोपण-बीजारोपण कर गंजी पहाडिय़ों पर हरियाली की चादर चढ़ाने तक का सिलसिला लगातार जारी है। ऐसे में हमें गंभीरता से सिंगल यूज प्लॉस्टिक की दिशा में भी ऐसा कोई कारगर प्रयास और जतन करना होगा, जिससे हम भी प्लॉस्टिक मुक्ति के शिखर तक पहुंच सकें।
इच्छापुर पंचायत ने लिया संकल्प, अब हमारी बारी
ग्राम पंचायत सचिव विकास महाजन ने बताया कि कभी जल निकासी, नालियों के चोक होने से मच्छर पनपने सहित गाय और मवेशियों द्वारा प्लास्टिक खाने की समस्याओं से आए दिन जुझने वाली ग्राम पंचायत इच्छापुर ने प्लास्टिक मुक्त पंचायत बनने की दिशा में बड़ा फैसला लिया है। इसके तहत अब सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग करते पाए जाने पर 5 रुपए तक का जुर्माना वसूला जा सकता है। इस संबंध में पंचायत सर्वसम्मनित से निर्णय लेकर सभी चौक-चौराहों से लेकर गली-मोहल्लों तक बड़े व्यापारियों से लेकर छोटे ठेले वालों और दिहाड़ी कमाने वालों के कानों तक यह फरमान पहुंचा दिया है और इसके लिए बकायदा एक पखवाड़े की मोहलत भी बीते दिनों दी जा चुकी है। जिसके तहत दंडात्मक कार्रवाई 1 जूलाई से की जाएगी।
नारी शक्ति ने संभाला जिम्मा
जैसे हर सफल आदमी के पीछे किसी औरत का हाथ होने की कहावत है वहीं दशकों पुरानी प्लॉस्टिक यूज की परंपरा को तोडऩे का यह कड़ा फैसला भी अकेले पुरुष प्रधान समाज का नहीं है बल्कि इसमें भी नारी शक्ति की बराबर की भागीदारी है और वे भी कंधे से कंधा मिलाकर इस अभियान में जुड़ते हुए घर-घर जाकर महिलाओं और बेटियों को सलाह देकर हाथ जोडक़र आग्रह करते हुए प्लॉस्टिक के उपयोग को ना कहने के लिए राजी कर रही है। पंचायत ने इस काम के लिए स्व-सहायता समूह की महिलाओं की मदद ली है। सरपंच नंदाबाई पवार और शीतल पंडित ने बताया कि समूह की महिलाएं हाट बाजार में और डोर टू डोर जाकर लोगों को जागरुक कर रही हैं। वहीं सरपंच नंदाबाई पवार और सचिव विकास महाजन ने ग्राम पंचायत में समूह की महिलाओं और पंचों की बैठकें भी आयोजित कर रहे है।
घरों से कपड़ें की थैलियां लेकर निकलने का आग्रह
स्व-सहायता समूह से जुड़ी शीतल पंडित ने बताया कि हम लोगों से आग्रह कर रहे है कि बाजार जाने से पहले अपने घरं से कपड़े की थैली लेकर निकलें। इस छोटे से प्रयास से बड़े बदलाव की शुरुआत होगी। लोगों ने 1 जुलाई से पहले ही इसमें सहयोग देना और कपड़ों की थैलियों का इस्तेमाल भी शुरु कर दिया है। जिसे पॉलीथिन मुक्ति की दिशा में कदम माना जा रहा है।
हम ये भी कर सकते है जतन
हर घर में रोजाना कई प्लॉस्टिक की पन्नियां किराना या अन्य सामानों के साथ आती है। करना सिर्फ इतना है कि इन सभी पन्नियों को हमें रोजाना कूड़ेदान में सीधे फैंकने की बजाय कोल्ड ड्रिंक की खाली बोतल में तब तक भरते जाना है, जब तक वो बोतल पूरी तरह भर नहीं जाती है। इसके बाद इसे ढक्कन बंद कर कचरा गाड़ी में डाल देना है। इससे खूले में प्लॉस्टिक भी नहीं फैलेगा और न गंदगी होगी, न नालियां चौक होगी और न ही मवेशियों की पन्नी खाने से मौत होगी। इस छोटे से प्रयास से प्लास्टिक कचरे और प्लास्टिक की बोतलों का उचित निपटान भी होगा और नगर निगम के सफाईकर्मियों को कूड़ा जमा करने में भी सुविधा होगी। इसकी शुरुआत हर घर से होनी चाहिए।

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Author: Kpn 24

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