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छत्तीसगढ़ के शराब घोटाले में 29 आबकारी अधिकारियों पर निलंबन की हो सकती है कार्रवाई

KPN24:- छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित 2174 करोड़ रुपये के शराब घोटाले मामले में  नेताओं पर कार्रवाई के बाद अब अधिकारियों पर भी आंच आना शुरू हो गई अब 29 आबकारी अधिकारियों के खिलाफ आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने विशेष कोर्ट में करीब 2300 पन्नों का चालान पेश किया है, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है। अब इस मामले में राज्य सरकार 22 आबकारी अधिकारियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए निलंबित कर सकती है।

बता दें कि शराब घोटाले के इस मामले में 29 आरोपियों को EOW की ओर से समन जारी किया गया था, लेकिन गिरफ़्तारी के डर से कोई भी आरोपी कोर्ट में पेश नहीं हुए। अब अदालत इन सभी आरोपियों को 20 अगस्त तक पेश होने के लिए नोटिस जारी किया है।

जनार्दन कौरव, पिता पंचम सिंह, उम्र 50 वर्ष, सहायक जिला आबकारी अधिकारी।
अनिमेष नेताम, पिता आनंद नेताम, उम्र 49 वर्ष, उपायुक्त आबकारी।
विजय सेन शर्मा, पिता पीसी सेन शर्मा, उम्र 48 वर्ष, उपायुक्त आबकारी।
अरविंद कुमार पाटले, पिता नेवल सिंह पाटले, उम्र 49 वर्ष, उपायुक्त आबकारी।
प्रमोद कुमार नेताम, पिता स्व. श्याम लाल नेताम उम्र 60 वर्ष, सहायक आयुक्त आबकारी।
रामकृष्ण मिश्रा, पिता शैलेन्द्र मिश्रा, उम्र 36 वर्ष, सहायक आयुक्त आबकारी।
विकास कुमार गोस्वामी, पिता विनोद गोस्वाम, उम्र 44 वर्ष, सहायक आयुक्त आबकारी।
इकबाल खान, पिता महूम मोहम्मद स्माईल खान, उम्र 56 वर्ष, जिला आबकारी अधिकारी।
नितिन खंडुजा, पिता रवीन्द्र खंडुजा, उम्र 53 वर्ष, सहायक जिला आबकारी अधिकारी।
नवीन प्रताप सिंग तोमर, पिता भगवान सिंह तोमर, उम्र 43 वर्ष, सहायक आयुक्त आबकारी।
मंजुश्री कसेर, पति रामचन्द्र सारस, उम्र 47 वर्ष, सहायक आबकारी अधिकारी।
सौरभ बख्शी, पिता राजीव बख्शी, उम्र 41 वर्ष, सहायक आयुक्त आबकारी।
दिनकर वासनिक, पिता डॉ पीएल वासनिक, उम्र 42 वर्ष, सहायक आयुक्त आबकारी।
मोहित कुमार जायसवाल, पिता रामलाल जायसवाल, उम्र 46 वर्ष, अधिकारी जिला आबकारी।
नीतू नोतानी ठाकुर, पति मोहन दास नोतानी, उम्र 45 वर्ष, उपायुक्त आबकारी।
गरीबपाल सिंह दर्दी, पिता दिलबाग सिंह दर्दी, उम्र 59 वर्ष, जिला आबकारी अधिकारी।
नोहर सिंह ठाकुर, पिता गौतम सिंह ठाकुर, उम्र 45 वर्ष, उपायुक्त आबकारी।
सोनल नेताम, पिता एम. एस. नेताम, उम्र 36 वर्ष, सहायक आयुक्त, आबकारी।
प्रकाश पाल, पिता सपन कुमार पाल, उम्र 44 वर्ष, सहायक आयुक्त आबकारी।
अलेख राम सिदार, पिता मुरलीधर सिदार, उम्र 34 वर्ष, सहायक आयुक्त आबकारी।
आशीष कोसम, पिता बृजलाल कोसम, उम्र 50 वर्ष, सहायक आयुक्त आबकारी
राजेश जायसवाल, पिता हरीप्रसाद जायसवाल, उम्र 42 वर्ष, सहायक आयुक्त आबकारी।
ए.के. सिंग, पिता अखिलेश्वर सिंह उम्र 62 वर्ष, जिला आबकारी अधिकारी (सेवानिवृत्त)
जे.आर. मंडावी, पिता नंदलाल मंडावी, उम्र 64 वर्ष, जिला आबकारी अधिकारी (सेवानिवृत्त)
जी.एस. नुरूटी, पिता दयाराम नुरूटी, उम्र 63 वर्ष, सहायक आयुक्त आबकारी (सेवानिवृत्त)
देवलाल वैष, पिता स्व गोवर्धन सिंह वैध, उम्र 63 वर्ष, जिला आबकारी अधिकारी (सेवानिवृत्त)
ए.के. अनंत, पिता आशाराम अंनत, उम्र 65 वर्ष, जिला आबकारी अधिकारी (सेवानिवृत्त)
वेदराम लहरे, पिता जगत राम लहरे, उम्र 66 वर्ष, सहायक आयुक्त आबकारी (सेवानिवृत्त)
एल.एल. ध्रुव, पिता मोतीसिंह ध्रुव, उम्र 66 वर्ष, सहायक आयुक्त आबकारी (सेवानिवृत्त)
गौरतलब है कि राज्य में शासकीय शराब दुकानों के माध्यम से बी-पार्ट शराब की अवैध बिक्री के खुलासे के बाद, आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) और भ्रष्टाचार निवारण ब्यूरो (ACB) ने इस घोटाले की जांच में बड़ा कदम उठाते हुए चतुर्थ पूरक चालान आज न्यायालय में प्रस्तुत किया है। यह चालान 5 जुलाई को दाखिल किया जाना था, लेकिन विशेष न्यायाधीश के अवकाश के चलते इसे आज पेश किया गया।

वर्ष 2019 से 2023 के बीच, राज्य के 15 बड़े जिलों में पदस्थ आबकारी अधिकारी और अन्य प्रशासनिक पदाधिकारियों द्वारा बिना ड्यूटी चुकाई गई देसी शराब (B-Part शराब) की शासकीय दुकानों में समानांतर अवैध बिक्री की गई। बस्तर और सरगुजा संभाग को छोड़कर चयनित जिलों में अधिक खपत वाली देसी शराब दुकानों को डिस्टलरी से सीधे अतिरिक्त अवैध शराब भेजी जाती थी, जिसे वैध शराब के साथ समानांतर बेचा जाता था।

इस पूरे नेटवर्क में डिस्टलरी, ट्रांसपोर्टर, सेल्समैन, सुपरवाइजर, आबकारी विभाग के जिला प्रभारी अधिकारी, मंडल व वृत्त प्रभारी, और मैन पावर एजेंसी के अधिकारी-कर्मचारी शामिल थे। अवैध शराब को ‘बी-पार्ट शराब’ कहा जाता था, और इससे अर्जित रकम सीधे सिंडीकेट के पास पहुंचाई जाती थी।

EOW/ACB द्वारा अब तक की गई जांच और 200 से अधिक व्यक्तियों के बयान एवं डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर अनुमान है कि लगभग 60,50,950 पेटी बी-पार्ट शराब की अवैध बिक्री हुई है, जिसकी अनुमानित कीमत 2174 करोड़ रुपये से अधिक है। पहले इस घोटाले का अनुमान 2174 करोड़ रुपये था, लेकिन नवीनतम आंकड़ों के अनुसार घोटाले की कुल राशि 3200 करोड़ रुपये से अधिक हो सकती है।

इस प्रकरण में अब तक अनिल टुटेजा, अनवर ढेबर, अरुणपति त्रिपाठी, कवासी लखमा, विजय भाटिया सहित कुल 13 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। FIR के अनुसार 70 आरोपी नामजद हैं। चतुर्थ पूरक चालान की प्रस्तुति हेतु न्यायालय ने आरोपियों को नोटिस जारी किए थे, लेकिन वे न्यायालय में उपस्थित नहीं हुए।

EOW/ACB द्वारा अब भी इस मामले की गहन जांच जारी है, जिसमें विदेशी शराब में लिये गये सिंडीकेट कमीशन, धन शोधन के नेटवर्क और राज्य स्तरीय समन्वय तंत्र की परतें खोली जा रही हैं।

शराब घोटाला मामले की जांच में अब तक यह सामने आया है कि पूर्व मंत्री कवासी लखमा के संरक्षण में विभागीय अधिकारियों, सहयोगियों और ठेकेदारों के माध्यम से यह सुनियोजित घोटाला किया गया। इस घोटाले से प्राप्त रकम को व्यक्तिगत और पारिवारिक हितों में खर्च किया गया, जिससे उन्हें अनुचित आर्थिक लाभ प्राप्त हुआ। अब तक तीन पूरक अभियोग पत्रों सहित कुल चार अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किए जा चुके हैं। इस मामले में अब तक 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच जारी है।

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Author: Kpn 24

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