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नकली नोटों के रैकेट का भंडाफोड़:- उज्जैन की चिमनगंज पुलिस को पूछताछ में महत्वपूर्ण सुराग मिले, ड्रग्स खरीदने की थी तैयारी

KPN24:- मध्यप्रदेश के उज्जैन की चिमनगंज मंडी पुलिस ने नकली करंसी छापने और उसे बाजार में चलाने वाले गिरोह का बड़ा खुलासा किया है। गिरफ्तार दो आरोपितों से पूछताछ में पुलिस को कई अहम जानकारियां मिली हैं। दोनों ने स्वीकार किया है कि वे नकली नोटों के माध्यम से ड्रग्स खरीदने की योजना बना रहे थे। इसी उद्देश्य से उन्होंने लाखों रुपये के नकली नोट बाजार में खपाने की तैयारी की थी।

पुलिस के अनुसार हीरामिल की चाल निवासी एक युवक को भी लाखों के नकली नोट सप्लाई किए गए थे। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। वहीं इंदौर निवासी मुख्य आरोपित की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम द्वारा विभिन्न स्थानों पर दबिश दी जा रही है।

साढ़े 17 लाख रुपये की नकली करंसी बरामद

चिमनगंज पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर पांड्याखेड़ी ब्रिज के नीचे दबिश देकर दो आरोपितों को पकड़ा था। इनके पास से ₹17.50 लाख मूल्य के ₹500 के नकली नोट मिले। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान इस प्रकार है—

हिमांशु उर्फ चीनू पुत्र राजेश गोसर, उम्र 26 वर्ष, निवासी गऊघाट रेलवे कॉलोनी

दीपेश पुत्र अनोखीलाल चौहान, उम्र 22 वर्ष, निवासी शिवगंगा सिटी

बरामद नकली नोटों में नकली सिक्योरिटी फीचर, वाटरमार्क, सुरक्षा धागा, माइक्रो प्रिंटिंग और ग्रीन इंक सिक्योरिटी का प्रयोग किया गया था, जिससे वह असली नोटों जैसे प्रतीत होते थे।

इंदौर के फ्लैट में होता था उत्पादन

पूछताछ में सामने आया कि आरोपित इंदौर के श्री गंगा विहार कॉलोनी स्थित एक फ्लैट में मुख्य साथी राजेश पुत्र टेकचंद बरबटे के साथ मिलकर नोटों की छपाई करते थे।
पुलिस ने वहां दबिश देकर बड़ी मात्रा में सामग्री जब्त की—

नोट प्रिंटिंग मशीन

हाई सिक्योरिटी प्रिंट पेपर

प्रिंटिंग केमिकल

सुरक्षा धागा

कटर मशीन

प्रिंटेड व अधूरे नकली नोटों की शीटें

मुख्य आरोपित राजेश बरबटे फरार है और उसकी तलाश जारी है।

ड्रग्स सप्लाई चेन से जुड़ाव की आशंका

जांच में खुलासा हुआ कि नकली नोटों से बदमाश बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ खरीदने की तैयारी में थे।
उनका तर्क था कि ड्रग्स सप्लायर मौके पर नोटों की गिनती नहीं करते, जिससे नकली नोट बिना पकड़े खपाए जा सकते हैं। पुलिस अब ड्रग्स तस्करों के नेटवर्क तक पहुँचने की जांच कर रही है।

10 रुपये के नोटों के नंबर वाला जाल

पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपितों ने ₹500 के नकली नोटों पर ₹10 के नोटों के नंबर प्रिंट किए थे।
देवास बैंक नोट प्रेस से यह पता लगाने की प्रक्रिया जारी है कि ये नंबर किन असली नोटों से मेल खाते हैं।

हीरामिल की चाल वाला युवक नोट खपाने में शामिल

गिरफ्तार बदमाशों ने बताया कि हीरामिल की चाल निवासी सोनू नकली नोटों को बाजार में खपाता था।
पुलिस सोनू और मुख्य आरोपित राजेश की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।

पुलिस का बयान

“इस रैकेट को पकड़ने के बाद अब ड्रग्स सप्लाई चेन का भी पर्दाफाश होने की संभावना है। शीघ्र ही सभी आरोपित गिरफ्तार किए जाएंगे।”

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Author: Kpn 24

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