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कलश यात्रा के साथ गूंजा मां चण्डी धाम, श्रीमद् देवी भागवत कथा का भव्य शुभारंभ

KPN24.com जांजगीर-चांपा 20 मार्च 2026 

आस्था, भक्ति और श्रद्धा की अनूठी छटा के बीच ग्राम मुड़पार स्थित मां चण्डी दाई मंदिर प्रांगण में श्रीमद् देवी भागवत कथा ज्ञान यज्ञ सप्ताह का शुभारंभ 19 मार्च 2026 को भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। पूरे गांव में निकली कलश यात्रा ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया, जहां हर ओर “जय माता दी” के जयघोष गूंजते रहे।
यह नौ दिवसीय संगीतमय कथा आयोजन कृष्ण कुमार पाण्डेय एवं श्रीमती कुसुम पाण्डेय के सौजन्य से आयोजित किया जा रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु रोजाना कथा श्रवण के लिए पहुंच रहे हैं।

“मां दुर्गा की कृपा से ही संचालित है यह संसार” — पंडित श्रीकांत तिवारी
व्यासपीठ से कथा का रसपान कराते हुए आचार्य पंडित श्रीकांत तिवारी ने कहा कि इस सृष्टि का संचालन आदिशक्ति मां जगदम्बा की कृपा से ही संभव है। मनुष्य हो या देवता, चर-अचर जगत का कोई भी प्राणी उनके आशीर्वाद के बिना कुछ नहीं कर सकता।
उन्होंने देवी महिमा का वर्णन करते हुए बताया कि मां दुर्गा ने महिषासुर, भस्मासुर, शुंभ-निशुंभ जैसे दैत्यों का संहार कर संसार को भयमुक्त किया और देवताओं को पुनः उनका स्थान दिलाया।
देवी महिमा के साथ कथा का प्रभावी आगाज़
कथा के प्रथम दिवस पंडित तिवारी ने अपनी मधुर वाणी में देवी भागवत के विभिन्न प्रसंगों का विस्तृत वर्णन किया। उन्होंने कहा कि मां की कृपा से ही जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है। कथा स्थल पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है, जहां पूरा वातावरण भक्ति में सराबोर नजर आ रहा है।
नवरात्रि: शक्ति, साधना और संयम का महापर्व
आचार्य तिवारी ने नवरात्रि के महत्व को बताते हुए कहा कि यह पर्व केवल पूजा नहीं, बल्कि आत्मसंयम, साधना और आंतरिक शक्ति के जागरण का समय है। नौ दिनों तक साधक तप, जप और संयम के माध्यम से मां की आराधना करते हैं।
सह-आचार्य पंडित मुकेश शर्मा ने भी देवी के विभिन्न स्वरूपों का वर्णन करते हुए बताया कि आदिशक्ति समय-समय पर अवतार लेकर जगत का कल्याण करती रही हैं।
श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़, हुआ सम्मान समारोह
कथा आयोजन में कृष्ण कुमार- कुसुम पाण्डेय, धर्मेन्द्र-ममता पाण्डेय, जितेंद्र-वंदना पाण्डेय, संगीता पाण्डेय एवं श्रीमती सरस्वती पाण्डेय सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।
इस अवसर पर डॉ. आर.के. अग्रवाल, शशिभूषण सोनी एवं श्रीमती शशिप्रभा सोनी, इंजीनियर श्रीमती शीला स्वर्णकार को व्यासपीठ पर आमंत्रित कर सम्मानित किया गया। श्रद्धालुओं ने आचार्य तिवारी का माल्यार्पण कर उनका अभिनंदन किया।
आध्यात्मिक ज्ञान के साथ सामाजिक एकता का संदेश
इस आयोजन के माध्यम से जहां एक ओर श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ज्ञान और भक्ति का लाभ मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर गांव और समाज में एकता, भाईचारे और सकारात्मक ऊर्जा का संदेश भी प्रसारित हो रहा है।
प्रतिदिन मंदिर प्रांगण में पूजा-अर्चना और देवी आराधना का क्रम जारी है, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में डूबा हुआ है।
कथा से मिलने वाले लाभ
आध्यात्मिक ज्ञान और भक्ति की प्राप्ति
मानसिक शांति और आत्मिक संतुष्टि
समाज में एकता और सद्भाव का विस्तार
मां दुर्गा की कृपा और आशीर्वाद की प्राप्ति

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Author: Kpn 24

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