"हर खबर, आपकी नज़र"

kpn 24

हिंसा की राह से उम्मीदों की दौड़ तक: बस्तर लिख रहा नई पहचान की कहानी

बस्तर हेरिटेज मैराथन बना शांति, विश्वास और विकास का सशक्त प्रतीक

KPN24.com रायपुर, 20 मार्च 2026

छत्तीसगढ़ का बस्तर अब सिर्फ अपने घने जंगलों और रहस्यमयी वादियों के लिए नहीं, बल्कि बदलते दौर की एक प्रेरक कहानी के लिए भी जाना जा रहा है। हिंसा से विकास की ओर बढ़ते कदम—इसी संदेश को बुलंद करने जा रही है बस्तर हेरिटेज मैराथन 2026, जो 22 मार्च को आयोजित होगी। यह आयोजन केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि बदलते बस्तर की नई पहचान का ऐलान है।

जगदलपुर के ऐतिहासिक लालबाग मैदान से शुरू होकर विश्व प्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात तक पहुंचने वाली यह मैराथन रोमांच, संस्कृति और संकल्प का अद्भुत संगम होगी। 25 लाख रुपये की आकर्षक इनामी राशि के साथ यह आयोजन देशभर के धावकों को अपनी ओर खींच रहा है।
जहां कभी गूंजती थी गोलियों की आवाज, अब गूंजेगा हौसलों का शोर
बस्तर की धरती इस बार एक अनोखी तस्वीर पेश कर रही है।
कभी बंदूक उठाने वाले हाथ अब दौड़ के ट्रैक पर जीत की ओर बढ़ रहे हैं। आत्मसमर्पित पूर्व माओवादी युवा इस मैराथन में पूरे उत्साह के साथ भाग ले रहे हैं—यह बदलाव की सबसे मजबूत मिसाल बनकर उभर रहा है।
दंतेवाड़ा के “लोन वर्राटू” (घर वापस आइए) और “पूना मारगेम” (पुनर्वास से पुनर्जीवन) जैसे अभियानों ने सैकड़ों युवाओं की जिंदगी की दिशा बदल दी है। आज वही युवा समाज की मुख्यधारा में लौटकर खेल के मैदान में अपनी नई पहचान गढ़ने के लिए तैयार हैं।
हर कदम पर बस्तर की खूबसूरती, हर सांस में नई उम्मीद
मैराथन का मार्ग साल के घने पेड़ों, प्राचीन गांवों और प्राकृतिक सौंदर्य से होकर गुजरेगा।
धावक सिर्फ दौड़ नहीं लगाएंगे, बल्कि बस्तर की आत्मा को महसूस करेंगे।
इस आयोजन में शामिल हैं—
42 किमी फुल मैराथन
21 किमी हाफ मैराथन
10 किमी रन
5 किमी फन रन
हर वर्ग के प्रतिभागियों के लिए अवसर, और बस्तर के स्थानीय धावकों के लिए विशेष पुरस्कार व्यवस्था इस आयोजन को और खास बनाती है।
पुनर्वास से पुनर्जीवन: बदलती सोच, बदलता बस्तर
“पूना मारगेम” अभियान के तहत पुनर्वासित युवाओं में जोश देखते ही बन रहा है।
स्थानीय मैदानों में उनका अभ्यास, उनका जुनून और जीत का जज़्बा साफ बताता है—
बस्तर अब बंदूक नहीं, बल्कि भविष्य चुन रहा है।
महिला प्रतिभागियों की भागीदारी इस बदलाव को और गहरा बनाती है। वे अब डर के साये से निकलकर आत्मविश्वास और सम्मान के साथ समाज में अपनी नई पहचान बना रही हैं।
200+ पुनर्वासित युवा, 7 जिलों की भागीदारी—ऐतिहासिक आयोजन
इस मैराथन में बस्तर संभाग के सभी सात जिलों—सुकमा, नारायणपुर, बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर, कांकेर और कोंडागांव—से 200 से अधिक पुनर्वासित युवा भाग ले रहे हैं।
इसके साथ ही पेशेवर एथलीट, छात्र-छात्राएं और आम नागरिक भी बड़ी संख्या में शामिल होंगे।
खेल के बहाने पर्यटन और पहचान को बढ़ावा
बस्तर हेरिटेज मैराथन का उद्देश्य सिर्फ खेल नहीं है—
यह बस्तर की सांस्कृतिक विरासत, प्राकृतिक सौंदर्य और पर्यटन संभावनाओं को राष्ट्रीय मंच पर स्थापित करने की बड़ी पहल है।
कैसे करें पंजीकरण
इच्छुक प्रतिभागी आधिकारिक वेबसाइट www.bastarheritage.run� या QR कोड के माध्यम से रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।
सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर: 92440-79533
बस्तर का नया संदेश
22 मार्च को जब धावक चित्रकोट की गर्जन करती धाराओं के बीच फिनिश लाइन पार करेंगे, तो यह सिर्फ एक दौड़ का अंत नहीं होगा—
यह होगा एक नए बस्तर की शुरुआत का प्रतीक।
अब बस्तर कह रहा है—
“हिंसा नहीं, अब उम्मीदों की दौड़ ही हमारी पहचान है।”

Kpn 24
Author: Kpn 24

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Read More