
खरसिया चौक की सड़क पर बड़े गड्ढों और जलभराव से परेशान थे नागरिक, मुख्यमंत्री ने कलेक्टर अजीत वसंत से दूरभाष पर ली वस्तुस्थिति की जानकारी
Kpn24.com रायपुर 14 सितंबर 2026
अंबिकापुर शहर के खरसिया चौक की बदहाल सड़क का वीडियो सामाजिक माध्यमों पर प्रसारित होने के बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मामले को गंभीरता से लिया है। मुख्यमंत्री ने सरगुजा कलेक्टर अजीत वसंत से दूरभाष पर चर्चा कर सड़क की वास्तविक स्थिति की जानकारी ली और तत्काल मौके का निरीक्षण कर आवश्यक सुधार कार्य कराने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि मानसून के दौरान निर्माणाधीन या क्षतिग्रस्त सड़कों के कारण नागरिकों को आवागमन में अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने खरसिया चौक की सड़क के बड़े गड्ढों को भरने, समतलीकरण कराने और जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं।
यातायात व्यवस्था पर भी विशेष निगरानी
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जिन स्थानों पर यातायात का दबाव अधिक है, वहां पुलिस एवं यातायात विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर सुरक्षित और निर्बाध आवागमन सुनिश्चित किया जाए। सड़क क्षतिग्रस्त होने, निर्माण कार्य चलने, पुल-पुलिया के आसपास कटाव अथवा जलभराव जैसी स्थिति में दुर्घटना की आशंका को देखते हुए तत्काल सुरक्षात्मक उपाय किए जाएं।
जरूरत के अनुसार चेतावनी संकेतक, बैरिकेडिंग और वैकल्पिक यातायात व्यवस्था भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
सभी कलेक्टरों को मुख्यमंत्री का सीधा निर्देश
अंबिकापुर की घटना के बाद मुख्यमंत्री साय ने प्रदेश के सभी जिला कलेक्टरों को निर्माणाधीन सड़कों की स्थिति पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि कलेक्टर आवश्यकता पड़ने पर स्वयं मौके पर जाकर निरीक्षण करें और संबंधित विभागों तथा निर्माण एजेंसियों के साथ समन्वय कर सड़कों को हर हाल में आवागमन योग्य बनाए रखें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग, लोक निर्माण विभाग, नगरीय निकाय अथवा किसी अन्य निर्माण एजेंसी से संबंधित सड़क हो, जिला प्रशासन को संबंधित विभाग के साथ प्रभावी समन्वय स्थापित कर समस्या का त्वरित समाधान करना होगा।
बारिश में अस्थायी सुधार, बाद में स्थायी समाधान
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बारिश के दौरान स्थायी सड़क निर्माण में मौसम संबंधी व्यावहारिक कठिनाइयां हो सकती हैं, लेकिन इसका यह अर्थ नहीं कि नागरिकों को खराब सड़क पर आवागमन के लिए छोड़ दिया जाए। गड्ढे भरने, समतलीकरण और जल निकासी जैसे अंतरिम सुधार कार्य प्राथमिकता से किए जाएं, ताकि सड़क चलने योग्य बनी रहे।
उन्होंने कलेक्टरों को अपने जिलों में अधिक यातायात दबाव वाली प्रमुख सड़कों और निर्माणाधीन मार्गों को चिन्हांकित कर उनकी नियमित समीक्षा करने को कहा है।
मानसून के बाद सड़क निर्माण में आएगी तेजी
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि वर्षा ऋतु समाप्त होते ही निर्माणाधीन एवं स्वीकृत सड़क कार्यों में तेजी लाई जाए। संबंधित निर्माण एजेंसियों के साथ कार्ययोजना तैयार कर सड़क निर्माण और स्थायी मरम्मत के कार्य गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सड़क निर्माण के कारण लोगों को लंबे समय तक असुविधा नहीं होनी चाहिए। इसके लिए निर्माण कार्यों की सतत निगरानी और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।
मुख्यमंत्री के इस निर्देश के बाद अब प्रदेशभर में निर्माणाधीन और खराब सड़कों की स्थिति पर जिला प्रशासन की निगरानी और कार्रवाई तेज होने की उम्मीद है।










