
मास्टर एडमिन से लेकर आईडी होल्डर्स तक पुलिस की कार्रवाई, व्हाट्सऐप-टेलीग्राम और USDT के जरिए होता था लेन-देन
Kpn24.com जांजगीर-चांपा 14 सितंबर 2026
जिले में ऑनलाइन सट्टे के खिलाफ साइबर थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए BDG ऑनलाइन सट्टा ऐप से जुड़े अंतरजिला एवं स्थानीय नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने नेटवर्क के मुख्य एडमिन सहित कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से ऑनलाइन सट्टा ऐप की आईडी, मोबाइल फोन, स्क्रीनशॉट, व्हाट्सऐप चैट सहित कई डिजिटल साक्ष्य जब्त किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार यह नेटवर्क पारंपरिक तरीके से नहीं, बल्कि मोबाइल ऐप, व्हाट्सऐप ग्रुप, टेलीग्राम चैनल और डिजिटल करेंसी USDT के माध्यम से संचालित किया जा रहा था। प्रारंभिक जांच में आरोपियों के खातों में 30 लाख रुपये से अधिक के लेन-देन का पता चला है। मामले में दूसरे राज्य से जुड़े नेटवर्क की कड़ियों की भी गहन जांच की जा रही है।
मुखबिर की सूचना पर हुई त्वरित कार्रवाई
साइबर थाना जांजगीर को सूचना मिली थी कि न्यू चंदनियापारा लिंक रोड जांजगीर निवासी हेमलाल यादव मोबाइल फोन के माध्यम से ऑनलाइन सट्टा संचालित कर रहा है। सूचना की तस्दीक के बाद पुलिस टीम ने गवाहों की मौजूदगी में तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे पकड़ा।
पूछताछ में हेमलाल यादव ने BDG ऑनलाइन सट्टा गेम खेलने और इससे जुड़े बड़े नेटवर्क के बारे में जानकारी दी। उसने पुलिस को बताया कि उसे सट्टे की आईडी शैलेंद्र कुमार शर्मा से प्राप्त हुई थी।
एक आरोपी से खुलती गई नेटवर्क की पूरी कड़ी
तकनीकी साक्ष्यों और आरोपी के मेमोरेंडम के आधार पर पुलिस ने शैलेंद्र कुमार शर्मा को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के मुताबिक पूछताछ में शैलेंद्र ने खुद को BDG ऑनलाइन सट्टा ऐप की मास्टर आईडी और लिंक उपलब्ध कराने वाला मुख्य एडमिन बताया।
पुलिस के अनुसार शैलेंद्र व्हाट्सऐप के माध्यम से सट्टे की मास्टर आईडी और लिंक अपने सहयोगियों तक पहुंचाता था। यह नेटवर्क एक तरह से कमीशन आधारित श्रृंखला पर काम करता था। उसके माध्यम से नीचे जुड़ने वाले व्यक्ति जब सट्टे में रकम लगाते थे, तो ऊपर के एडमिन को कमीशन मिलता था।
शैलेंद्र की निशानदेही पर पुलिस ने महेश प्रसाद राठौर, राकेश कुमार राठौर, दुर्गेश कुमार राठौर और हीरालाल यादव को भी गिरफ्तार किया। इनके मोबाइल फोन से ऑनलाइन सट्टा ऐप की आईडी, स्क्रीनशॉट और अन्य डिजिटल साक्ष्य जब्त किए गए हैं।
लाखों रुपये के लेन-देन के सुराग
जांच में सामने आया है कि ऑनलाइन सट्टे के इस नेटवर्क में सामान्य बैंकिंग लेन-देन के अलावा USDT जैसी डिजिटल परिसंपत्ति का भी इस्तेमाल किया जा रहा था। आरोपियों के मोबाइल से व्हाट्सऐप चैट और अन्य डिजिटल सामग्री मिली है, जिनकी पुलिस द्वारा जांच की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक मुख्य आरोपी शैलेंद्र कुमार शर्मा अब तक करीब 20 लाख रुपये का ऑनलाइन सट्टा खेल चुका है और लिंक के माध्यम से कई अन्य लोगों को भी इस नेटवर्क से जोड़ चुका है। मामले में डिजिटल लेन-देन और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच जारी है।
छह आरोपी पुलिस की गिरफ्त में
पुलिस ने मामले में निम्न आरोपियों को गिरफ्तार किया है—
हेमलाल यादव उर्फ सोनू, उम्र 47 वर्ष, निवासी न्यू चंदनियापारा लिंक रोड, जांजगीर।
शैलेंद्र कुमार शर्मा उर्फ शैलू, उम्र 45 वर्ष, निवासी शंकर विहार कॉलोनी, लिंक रोड, जांजगीर — मुख्य एडमिन।
महेश प्रसाद राठौर उर्फ मुकेश, उम्र 47 वर्ष, निवासी न्यू चंदनियापारा वार्ड क्रमांक 7, जांजगीर।
राकेश कुमार राठौर उर्फ पप्पू, उम्र 45 वर्ष, निवासी हरियाली हेरिटेज के पास, अकलतरा रोड, जांजगीर।
दुर्गेश कुमार राठौर उर्फ मनु, उम्र 45 वर्ष, निवासी पुराना चंदनियापारा लिंक रोड, जांजगीर।
हीरालाल यादव, उम्र 47 वर्ष, निवासी न्यू चंदनियापारा लिंक रोड, जांजगीर।
साइबर जागरूकता अभियान के साथ सख्ती भी
जांजगीर-चांपा पुलिस द्वारा साइबर जागृति कार्यक्रम के माध्यम से आम लोगों को ऑनलाइन सट्टे से दूर रहने और संदिग्ध एपीके फाइल डाउनलोड नहीं करने के लिए लगातार जागरूक किया जा रहा है। इसी क्रम में ऑनलाइन सट्टा संचालित करने और खेलने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा रही है।
पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम 2022 की धारा 7 तथा भारतीय न्याय संहिता की धारा 112(2) के तहत प्रकरण दर्ज कर उन्हें न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया है।
पुलिस की दो टूक—ऑनलाइन सट्टे के जाल से रहें दूर
जिला पुलिस जांजगीर-चांपा ने आम जनता से अपील की है कि ऑनलाइन सट्टा, जुआ, संदिग्ध मोबाइल ऐप अथवा किसी भी प्रकार की डिजिटल वित्तीय धोखाधड़ी के लालच में न आएं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि ऐसे अवैध नेटवर्क से जुड़े लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।










