
Kpn24.com रायपुर 16 सितंबर 2026
छत्तीसगढ़ के इतिहास के सबसे काले पन्नों में दर्ज झीरम घाटी हत्याकांड में एनआईए (NIA) की विशेष अदालत द्वारा 10 नक्सलियों को सुनाए गए मृत्युदंड के फैसले पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस फैसले को न्याय की बड़ी जीत बताते हुए आतंकवाद और उसके वैचारिक समर्थकों पर जोरदार प्रहार किया है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के कड़े संदेश के मुख्य बिंदु:
- ऐतिहासिक न्याय: जगदलपुर एनआईए कोर्ट द्वारा 10 खूंखार माओवादियों को दी गई फांसी की सजा पीड़ितों के जख्मों पर मरहम और न्याय की सबसे बड़ी जीत है। जांच को अंजाम तक पहुंचाने के लिए एनआईए की कार्यप्रणाली सराहनीय है।
- बस्तर में शांति का नया दौर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के ‘लौह संकल्प’ के कारण छत्तीसगढ़ आज सशस्त्र माओवाद के चंगुल से मुक्त हो रहा है। दशकों से हिंसा की आग में झुलस रहा बस्तर अब विकास और विश्वास की ओर कदम बढ़ा चुका है।
- ‘अर्बन नक्सलियों’ पर सीधा हमला: सीएम ने माओवाद को बौद्धिक और वैचारिक संरक्षण देने वालों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि यह समय जनजाति समाज की लाशों पर राजनीति करने वालों के लिए आत्मचिंतन का है।
- भस्मासुर है आतंकवाद: निहित स्वार्थों के लिए आतंक को पनाह देने वालों को चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और संविधान के खिलाफ खड़े आतंक का ‘भस्मासुर’ किसी विचार या सीमा को नहीं मानता, इसका अंत केवल विनाश ही है।
मुख्यमंत्री ने झीरम घाटी के इस जघन्य कम्युनिस्ट हमले में शहीद हुए प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं, सुरक्षाबलों के जवानों और आम नागरिकों को याद करते हुए अपनी भावभीनी और विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की।
Author: Kpn 24
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