
Kpn24.com जांजगीर-चांपा 23 अक्टूबर 2026
कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर जाति एवं आय प्रमाण पत्र प्राप्त करने और शासन की योजनाओं का कथित तौर पर अनुचित लाभ लेने के मामले में जांजगीर पुलिस ने दो लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। आरोपियों की पहचान जितेंद्र बघेल और बैजनाथ बघेल, दोनों निवासी जांजगीर, के रूप में हुई है। पुलिस ने भारतीय दंड विधान की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पहचान छिपाकर प्रमाण पत्र बनवाने का आरोप
जांजगीर-चांपा पुलिस की ओर से 23 अक्टूबर 2026 को जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, शिकायत में आरोप लगाया गया है कि जितेंद्र बघेल ने अपनी वास्तविक पहचान छिपाकर स्वयं को ग्राम मसान निवासी फूल सिंह कंवर का पुत्र बताया। इसके बाद कथित रूप से कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर तहसील जांजगीर से जाति एवं आय प्रमाण पत्र प्राप्त किए।
शपथ पत्र में बैंक ऋण की जानकारी छिपाने का आरोप
शिकायत के मुताबिक, जितेंद्र बघेल ने जिला अंत्यावसायी विभाग में शपथ पत्र प्रस्तुत करते हुए उल्लेख किया था कि उसने बैंक से किसी प्रकार का ऋण नहीं लिया है। जबकि आरोप है कि उसने पंजाब नेशनल बैंक से ऋण लिया था।
वहीं, अंत्यावसायी सहकारी समिति से ऋण लेते समय बैजनाथ बघेल को जमानतदार बनाया गया था। शिकायत में बैजनाथ बघेल को जितेंद्र बघेल का जैविक पिता बताया गया है। इन्हीं तथ्यों के आधार पर दोनों के विरुद्ध कथित मिलीभगत से दस्तावेज तैयार कर फर्जी जाति प्रमाण पत्र प्राप्त करने और सरकारी योजनाओं का अनुचित लाभ लेने के आरोप लगाए गए हैं।
इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला
मामले में प्रथम दृष्टया अपराध घटित होना पाए जाने पर जांजगीर थाने में दोनों आरोपियों के विरुद्ध भारतीय दंड विधान की धारा 419, 420, 467, 468, 471 एवं 34 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है।










