
चांपा रेलवे स्टेशन से पुरी, कोणार्क और भुवनेश्वर के लिए तीर्थयात्रियों ने भरी आस्था की उड़ान, निःशुल्क दर्शन की सुविधा मिलने पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति जताया आभार
Kpn24.com जांजगीर-चांपा 24 अक्टूबर 2026
मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के तहत जांजगीर-चांपा जिले के 277 तीर्थयात्रियों को भगवान जगन्नाथ के दर्शन सहित प्रमुख धार्मिक स्थलों की यात्रा के लिए रवाना किया गया। चांपा रेलवे स्टेशन से तीर्थयात्रियों को लेकर ट्रेन पुरी, कोणार्क और भुवनेश्वर के लिए रवाना हुई। चार दिवसीय यह यात्रा 23 से 26 अक्टूबर 2026 तक आयोजित की जा रही है। निःशुल्क तीर्थ दर्शन की सुविधा मिलने से श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला।
हरी झंडी दिखाकर ट्रेन को किया रवाना
तीर्थयात्रियों की रवानगी के अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष इंजी. सत्यलता आनंद मिरी, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती उमा राजेन्द्र राठौर, जिला पंचायत सदस्य श्री राज कुमार साहू, नगर पालिका अध्यक्ष श्री प्रदीप नामदेव, इंजी. रवि पांडेय और अपर कलेक्टर श्रीमती स्निग्धा तिवारी सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। अतिथियों ने हरी झंडी दिखाकर ट्रेन को रवाना किया और सभी यात्रियों की सुखद, सुरक्षित एवं मंगलमय यात्रा की कामना की।
बुजुर्गों और जरूरतमंदों के लिए लाभकारी योजना
जिला पंचायत अध्यक्ष इंजी. सत्यलता आनंद मिरी ने कहा कि मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना बुजुर्गों और जरूरतमंद लोगों के लिए काफी लाभकारी है। इस योजना के माध्यम से श्रद्धालुओं को देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन का अवसर मिल रहा है। आर्थिक कठिनाइयों के कारण जो लोग तीर्थ यात्रा नहीं कर पाते, उनके लिए यह योजना विशेष रूप से उपयोगी साबित हो रही है।
भगवान जगन्नाथ के दर्शन के साथ सूर्य मंदिर का करेंगे भ्रमण
चार दिवसीय यात्रा के दौरान श्रद्धालु पुरी स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर में दर्शन करेंगे। इसके साथ ही वे कोणार्क के प्रसिद्ध सूर्य मंदिर और भुवनेश्वर के प्रमुख धार्मिक स्थलों का भ्रमण करेंगे। यात्रा को सुविधाजनक बनाने के लिए प्रशासन की ओर से भोजन, चिकित्सा, ठहरने और सुरक्षा सहित आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं।
मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार, वर्षों पुराना सपना होगा पूरा
तीर्थ यात्रा पर रवाना हो रहे श्रद्धालुओं के चेहरों पर खुशी और उत्साह नजर आया। यात्रियों ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण अपने खर्च पर पुरी जाकर भगवान जगन्नाथ के दर्शन करना उनके लिए मुश्किल था। मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के माध्यम से अब उनका वर्षों पुराना सपना पूरा होने जा रहा है।
यह यात्रा श्रद्धालुओं के लिए केवल धार्मिक भ्रमण नहीं, बल्कि आस्था, विश्वास और आध्यात्मिक संतुष्टि से जुड़ा एक विशेष अवसर है।










