
Kpn24.com जांजगीर-चांपा 28 अक्टूबर 2026
अखंड सौभाग्य और सुहाग के प्रतीक का पावन पर्व करवाचौथ इस वर्ष कल यानी गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 को पूरे श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। सुहागिन महिलाओं द्वारा अपने पति की लंबी आयु, उत्तम स्वास्थ्य और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के लिए रखा जाने वाला यह निर्जला व्रत हिंदू पंचांग के अनुसार कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को पड़ता है।
त्योहार को लेकर महिलाओं में भारी उत्साह है और बाजारों में भी खासी रौनक देखने को मिल रही है।
व्रत के मुख्य नियम, समय और पूजा मुहूर्त
- सरगी का समय: व्रत की शुरुआत सूर्योदय से पहले सास या परिवार के बुजुर्गों द्वारा दी जाने वाली ‘सरगी’ ग्रहण करके होती है। इसमें फल, मिठाई और मेवे शामिल किए जाते हैं।
- व्रत का स्वरूप: यह व्रत सूर्योदय से लेकर रात्रि में चंद्रोदय होने और चंद्रमा को अर्घ्य देने तक पूरी तरह निर्जला रखा जाता है।
- शुभ पूजा मुहूर्त: शाम 05:38 बजे से 06:56 बजे तक का समय पूजा के लिए अत्यंत शुभ रहेगा। इस दौरान भगवान गणेश, माता पार्वती, शिव जी और करवा माता की विधि-विधान से पूजा कर कथा सुनी जाएगी।
- व्रत का पारण: रात्रि में चंद्रमा के दर्शन और उन्हें अर्घ्य देने के पश्चात जल ग्रहण कर व्रत खोला जाएगा।
अटूट बंधन और परंपरा का पर्व
करवाचौथ का यह उत्सव पति-पत्नी के बीच के पवित्र और अटूट प्रेम का अहसास कराता है। इस दिन महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा, सोलह सिंगार और हाथों में मेहंदी रचाकर शिव-परिवार की आराधना करती हैं।
Author: Kpn 24
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