"हर खबर, आपकी नज़र"

kpn 24

कलश यात्रा के साथ श्रीमद्भागवत कथा का भव्य शुभारंभ, श्रद्धा और भक्ति से सराबोर हुआ बलौदा

KPN24.com जांजगीर-चांपा 04 जून 2026

बलौदा नगर में बुधवार को श्रद्धा, आस्था और सनातन परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिला, जब सराफा कल्याण एसोसिएशन के तत्वावधान में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा महापुराण का शुभारंभ भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। पारंपरिक वेशभूषा में सुसज्जित महिलाओं, पुरुषों, बच्चों एवं श्रद्धालुओं की विशाल उपस्थिति ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

छत्तीसगढ़ के सुप्रसिद्ध कथा वाचक आचार्य मनोज तिवारी महाराज के सान्निध्य में कथा आयोजन स्थल से निकली कलश यात्रा पवित्र जलस्रोत तक पहुंची, जहां वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्रद्धालुओं ने कलशों में पवित्र जल भरा। इसके पश्चात भव्य शोभायात्रा के रूप में कलशों को कथा स्थल तक लाया गया और विधि-विधान से उनकी स्थापना की गई।
आरती एवं मंगलाचरण के साथ कथा का शुभारंभ करते हुए आचार्य मनोज तिवारी महाराज ने श्रीमद्भागवत कथा की महिमा का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि समस्त धार्मिक कथाओं में श्रीमद्भागवत कथा का विशेष स्थान है और जिस स्थल पर इसका आयोजन होता है, वह स्वयं एक तीर्थ के समान पवित्र बन जाता है। कथा श्रवण और आयोजन का सौभाग्य ईश्वर की विशेष कृपा से ही प्राप्त होता है।
आचार्य महाराज ने भागवत महात्म्य का वर्णन करते हुए गोकर्ण और धुंधकारी की प्रेरणादायक कथा सुनाई। उन्होंने बताया कि गोकर्ण संतत्व और सदाचार के प्रतीक थे, जबकि धुंधकारी असंत प्रवृत्तियों का प्रतिनिधित्व करते थे। भागवत कथा का श्रवण मनुष्य को अधर्म और कुसंस्कारों से दूर कर धर्म, सत्य और सदाचार के मार्ग पर अग्रसर करता है।
उन्होंने श्रद्धालुओं से सात दिवसीय कथा का पूर्ण लाभ लेने का आह्वान करते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति व्यस्तता के कारण सभी दिनों में उपस्थित नहीं हो सकता, तो भी उसे यथासंभव कुछ समय निकालकर कथा श्रवण अवश्य करना चाहिए। श्रीमद्भागवत भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य वाणी है, जिसमें उनके अवतार, लीलाओं, कंस वध सहित जीवन के गूढ़ आध्यात्मिक संदेशों का वर्णन मिलता है।
आचार्य मनोज तिवारी महाराज ने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा का प्रथम श्रवण राजा परीक्षित ने किया था। कथा के प्रभाव से उनके मन से मृत्यु का भय समाप्त हुआ और उन्हें मोक्ष की प्राप्ति हुई। उन्होंने कहा कि भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आत्मकल्याण, आत्मशुद्धि और जीवन परिवर्तन का महायज्ञ है।
कथा के प्रथम दिवस पर बड़ी संख्या में सराफा परिवार, स्वर्णकार समाज एवं नगरवासियों की उपस्थिति रही। पूरे आयोजन स्थल पर भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुपम वातावरण देखने को मिला।

Kpn 24
Author: Kpn 24

Leave a Comment

Read More