
खेलो इंडिया जनजातीय खेलों के पदक विजेता खिलाड़ियों को मिली प्रोत्साहन राशि, उत्कृष्ट खेल मिशन के लिए इस वर्ष ₹100 करोड़ का प्रावधान
KPN24.com रायपुर 28 जुलाई 2026
छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं को नई पहचान और खिलाड़ियों को बेहतर अवसर देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए राजधानी रायपुर में पहली बार आयोजित खेल सम्मेलन का भव्य समापन हुआ। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय समापन सत्र में शामिल हुए और खेलो इंडिया जनजातीय खेलों में छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करने वाले पदक विजेता खिलाड़ियों को प्रोत्साहन राशि प्रदान की।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि खेल और खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार गंभीरता से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि उत्कृष्ट खेल मिशन के तहत खेल अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए इस वर्ष के बजट में ₹100 करोड़ का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य में पहली बार आयोजित यह खेल सम्मेलन छत्तीसगढ़ के खेल विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
देशभर के विशेषज्ञों ने किया खेल विकास पर मंथन
खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा आयोजित इस सम्मेलन में देशभर से आए खेल प्रशासकों, नीति निर्माताओं, खेल वैज्ञानिकों, नामचीन खिलाड़ियों, विशेषज्ञों और खेल संघों के पदाधिकारियों ने छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं की खोज, खिलाड़ियों के प्रशिक्षण, आधुनिक खेल सुविधाओं और मजबूत खेल अधोसंरचना को लेकर विस्तार से मंथन किया।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सम्मेलन में दिनभर हुए गंभीर विचार-विमर्श और विशेषज्ञों के सुझावों से राज्य में खेल एवं खिलाड़ियों के विकास को नई और प्रभावी दिशा मिलेगी। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को उचित मंच, संसाधन और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में हाल ही में 156 उत्कृष्ट खिलाड़ियों की सूची को मंजूरी दी गई है। इन खिलाड़ियों को भविष्य में सरकारी नौकरी में नियमानुसार लाभ दिया जाएगा।
बस्तर और सरगुजा ओलंपिक ने दिखाई खेल प्रतिभाओं की ताकत
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के खिलाड़ियों को बड़े मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर देने के लिए बस्तर ओलंपिक, सरगुजा ओलंपिक और खेलो इंडिया जनजातीय खेलों जैसे आयोजन किए गए हैं। बस्तर ओलंपिक में करीब चार लाख और सरगुजा ओलंपिक में लगभग साढ़े तीन लाख खिलाड़ियों की भागीदारी ने यह साबित किया है कि छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है।
उन्होंने कहा कि जरूरत केवल इन प्रतिभाओं को सही अवसर, प्रशिक्षण और संसाधन उपलब्ध कराने की है, जिसके लिए सरकार सक्रियता से काम कर रही है।
अरुण साव बोले—विशेषज्ञों के सुझावों से बनेगी प्रभावी कार्ययोजना
उप मुख्यमंत्री एवं खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने कहा कि यह खेल सम्मेलन छत्तीसगढ़ को खेल के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में खिलाड़ियों की तरक्की और खेलों के विकास के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की भौगोलिक परिस्थितियां ऐसे युवाओं को तैयार करती हैं, जो प्राकृतिक, शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत हैं। सरकार की कोशिश है कि प्राथमिक कक्षाओं से ही बच्चों की खेल प्रतिभा को पहचानकर उन्हें तराशा जाए।
उप मुख्यमंत्री साव ने कहा कि सम्मेलन में देशभर के विशेषज्ञों से मिले सुझावों और मार्गदर्शन को गंभीरता से लिया जाएगा। सम्मेलन के निष्कर्षों को शामिल करते हुए विस्तृत और प्रभावी कार्ययोजना तैयार कर उसे जमीन पर उतारा जाएगा।
छत्तीसगढ़ ने जीते थे 19 पदक, 11 खिलाड़ियों और 3 टीमों को मिली प्रोत्साहन राशि
इस वर्ष छत्तीसगढ़ में आयोजित खेलो इंडिया जनजातीय खेलों में राज्य के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 19 पदक अपने नाम किए थे। इनमें 3 स्वर्ण, 10 रजत और 6 कांस्य पदक शामिल रहे।
मुख्यमंत्री साय ने पदक विजेता 11 खिलाड़ियों और 3 टीमों को प्रोत्साहन राशि प्रदान की।
व्यक्तिगत स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक जीतने वाले खिलाड़ी को ₹2 लाख, रजत पदक विजेता को ₹1.5 लाख और कांस्य पदक विजेता को ₹1 लाख की प्रोत्साहन राशि दी गई।
वहीं टीम स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक विजेता महिला फुटबॉल टीम को ₹22 लाख, रजत पदक विजेता पुरुष फुटबॉल टीम को ₹16.5 लाख तथा कांस्य पदक विजेता पुरुष हॉकी टीम को ₹9 लाख की राशि प्रदान की गई।
निकिता समेत खिलाड़ियों ने बढ़ाया छत्तीसगढ़ का मान
खेलो इंडिया जनजातीय खेलों में निकिता ने भारोत्तोलन में स्वर्ण पदक जीता। वहीं रिषिका कश्यप ने भारोत्तोलन, अनुष्का भगत ने तैराकी तथा लक्ष्मण सोढ़ी, अभिषेक, डमरू कुमार, गजेन्द्र ठाकुर और तिलक बारसे ने एथलेटिक्स में रजत पदक हासिल किए।
इसके अलावा मनीष कुमार ने एथलेटिक्स, निखिल खलको ने तैराकी और लक्की बाबू ने भारोत्तोलन में कांस्य पदक जीतकर प्रदेश का गौरव बढ़ाया।
अब लक्ष्य—छत्तीसगढ़ को खेल शक्ति बनाना
पहली बार आयोजित खेल सम्मेलन में सामने आए सुझावों और सरकार की नई योजनाओं से साफ है कि छत्तीसगढ़ अब खेल प्रतिभाओं को केवल मंच देने तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि प्रतिभा की पहचान से लेकर प्रशिक्षण, अधोसंरचना और रोजगार तक खिलाड़ियों को मजबूत आधार देने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। ₹100 करोड़ के प्रावधान और पदक विजेताओं को प्रोत्साहन राशि के साथ सरकार ने खेल विकास को लेकर अपनी प्राथमिकता भी स्पष्ट कर दी है।










