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सोने की बाली खोजने बच्चों पर किया अंधविश्वास का प्रयोग, सहायक शिक्षक निलंबित

लाल कपड़े और मौली से बंधे नारियल-चावल बच्चों के हाथों से स्पर्श कराए, डराने का भी आरोप; शिक्षा विभाग ने तत्काल प्रभाव से की कार्रवाई

KPN24.com जांजगीर-चांपा 02 अगस्त 2026

शासकीय स्कूल में बच्चों को अंधविश्वास और कुरीतियों से दूर रहने की शिक्षा देने के बजाय कथित तौर पर टोटके का सहारा लेना एक सहायक शिक्षक को भारी पड़ गया। सोशल मीडिया और विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में वायरल हुए वीडियो के बाद शिक्षा विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए शासकीय प्राथमिक शाला काठापाली, विकासखंड बलौदा की सहायक शिक्षक (एल.बी.) गीता कुंभकार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

मामला उस समय सामने आया, जब 31 जुलाई 2026 से सोशल मीडिया मंच इंस्टाग्राम सहित विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में एक वीडियो वायरल हुआ। वीडियो को लेकर प्राप्त शिकायत एवं विकासखंड शिक्षा अधिकारी, बलौदा के प्रतिवेदन के आधार पर शिक्षा विभाग ने जांच प्रक्रिया शुरू की।
जारी निलंबन आदेश के अनुसार, सहायक शिक्षक गीता कुंभकार पर आरोप है कि सोने की बाली खो जाने के बाद उसे खोजने के उद्देश्य से उन्होंने स्कूल के बच्चों को लाल कपड़े और मौली धागे से बंधे नारियल तथा चावल को स्पर्श कराया। इतना ही नहीं, बच्चों से सही तथ्य नहीं बताने पर पेट दर्द, बुखार अथवा किसी अनहोनी की घटना होने का भय दिखाए जाने का भी उल्लेख आदेश में किया गया है।
शिक्षा विभाग ने इस पूरे कृत्य को गंभीरता से लेते हुए कहा कि शासकीय शैक्षणिक संस्थाओं का उद्देश्य बच्चों में वैज्ञानिक सोच विकसित करना तथा अंधविश्वास और सामाजिक कुरीतियों को दूर करने के लिए जागरूक करना है। ऐसे में स्कूल परिसर में कथित तौर पर टोटका किए जाने और बच्चों में भय का वातावरण निर्मित होने से विभाग की छवि प्रभावित हुई है।
कारण बताओ नोटिस का भी नहीं दिया जवाब
आदेश में उल्लेख है कि विकासखंड शिक्षा अधिकारी, बलौदा द्वारा संबंधित सहायक शिक्षक को उनके कृत्य के संबंध में कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया था, लेकिन संबंधित शिक्षक द्वारा उसका जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया। विभाग ने इसे छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के प्रावधानों के विपरीत मानते हुए गंभीर कदाचरण और अनुशासनहीनता की श्रेणी में रखा।
तत्काल प्रभाव से निलंबन
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, जांजगीर-चांपा द्वारा छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम-9 के तहत गीता कुंभकार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, बलौदा निर्धारित किया गया है। साथ ही, निलंबन काल में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।
शिक्षा विभाग का यह कदम वायरल वीडियो के बाद हुई त्वरित कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है। अब इस कार्रवाई के बाद स्कूलों में बच्चों के बीच वैज्ञानिक दृष्टिकोण और अंधविश्वास के खिलाफ जागरूकता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

Geeta kumbhkar

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Author: Kpn 24

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