
KPN24.com जांजगीर-चांपा 17 अगस्त 2026
शादी का रिश्ता… भरोसे की बातें… और फिर रकम की मांग। जांजगीर-चांपा जिले में साइबर थाना पुलिस ने शादी के नाम पर कथित रूप से लोगों को झांसे में लेकर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी लड़की की आवाज निकालकर लोगों से बातचीत करते, विवाह का रिश्ता तय कराने का भरोसा दिलाते और रकम मिलने के बाद संपर्क तोड़ देते थे।
पुलिस की जांच में आरोपियों के बैंक खातों में कवर्धा, रायपुर, बलौदाबाजार, बालोद और महासमुंद सहित विभिन्न जिलों से साइबर ठगी की रकम पहुंचने की जानकारी सामने आई है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो मोबाइल फोन, हेडफोन, व्हाट्सऐप बातचीत से संबंधित सामग्री तथा ‘पवित्र रिश्ता डॉट कॉम’ के पर्चे जब्त किए हैं।
ऐसे खुला ठगी के खेल का राज
मामले की शुरुआत शिकायतकर्ता अजय राठौर की शिकायत से हुई। 15 अगस्त 2026 को साइबर थाना में दर्ज शिकायत के अनुसार 8 अगस्त को एक व्यक्ति ने अस्पताल जाने की बात कहते हुए तत्काल नकद रकम की जरूरत बताई और फोन से भुगतान करने के बदले नकद पैसे देने का आग्रह किया। शिकायतकर्ता के खाते में 2,000 रुपये प्राप्त होने के बाद उसने संबंधित व्यक्ति को नकद रकम दे दी।
कुछ दिनों बाद शिकायतकर्ता के बैंक खाते पर रोक लग गई। बैंक से जानकारी लेने पर पता चला कि उसके खाते में आई रकम साइबर ठगी से संबंधित थी। जांच में यह रकम सोनू साहू की यूपीआई पहचान से ट्रांसफर होना सामने आया। इसके बाद साइबर थाना पुलिस ने अपराध क्रमांक 09/2026 के तहत संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
तकनीकी जांच ने पहुंचाया आरोपियों तक
पुलिस ने साइबर अपराध पोर्टल से प्राप्त मोबाइल नंबरों और बैंकिंग लेनदेन की तकनीकी जांच शुरू की। जांच के दौरान कथित रूप से लक्ष्मीनारायण उर्फ लाला साहू और सोनू साहू की संलिप्तता सामने आई।
तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पुलिस के मुताबिक पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपराध में संलिप्तता स्वीकार की। उनके मेमोरेंडम कथन के आधार पर अपराध में इस्तेमाल किए गए दो मोबाइल फोन, हेडफोन, व्हाट्सऐप बातचीत तथा ‘पवित्र रिश्ता डॉट कॉम’ के पर्चे जब्त किए गए।
लड़की की आवाज निकालकर बनाते थे भरोसा
पूछताछ में पुलिस को कथित ठगी के तरीके का भी पता चला। पुलिस के अनुसार आरोपी वर्ष 2025 से ब्लूटूथ उपकरण और हेडफोन की मदद से लड़की की आवाज निकालकर लोगों से विवाह एवं रिश्ता तय कराने के नाम पर बातचीत करते थे।
पहले लोगों को विश्वास में लिया जाता था। इसके बाद रिश्ता कराने के नाम पर अलग-अलग रकम मांगी जाती थी। रकम प्राप्त होने के बाद कथित रूप से संबंधित व्यक्ति से संपर्क समाप्त कर दिया जाता था।
कई जिलों के लोगों को बनाया निशाना
साइबर अपराध पोर्टल और बैंक खातों की जांच में आरोपियों से जुड़े अन्य मामलों की जानकारी भी सामने आई। पुलिस के अनुसार कौशल साहू द्वारा शादी के लिए रिश्ता भेजने के नाम पर ठगी की शिकायत की गई थी, जिसमें रकम आरोपी लक्ष्मीनारायण साहू के खाते में पहुंचना पाया गया।
इसी तरह दीपक कुमार साहू ने भी शादी के लिए रिश्ता दिलाने के नाम पर ठगी की शिकायत की थी। जांच में संबंधित रकम आरोपी के बैंक खाते में पहुंचने की जानकारी मिली।
वहीं कवर्धा जिले के रमेश साहू से शादी का रिश्ता दिलाने के नाम पर कथित ठगी की गई। इस मामले में यूपीआई के माध्यम से भेजी गई रकम आरोपी के भांजे सोनू साहू के खाते में पहुंची और बाद में वही रकम प्रकरण के शिकायतकर्ता अजय राठौर के खाते में आने की बात पुलिस जांच में सामने आई।
पुलिस के अनुसार आरोपियों के विरुद्ध साइबर अपराध पोर्टल पर चार अन्य शिकायतें भी दर्ज हैं। मोबाइल में मिली बातचीत की जांच में अन्य लोगों के साथ भी कथित रूप से ठगी किए जाने के संकेत मिले हैं। पुलिस का कहना है कि कई पीड़ितों ने अब तक शिकायत दर्ज नहीं कराई है, इसलिए जांच आगे बढ़ने पर ठगी के मामलों की संख्या और बढ़ सकती है।
दो आरोपी गिरफ्तार, न्यायिक रिमांड पर भेजे गए
जांच में अपराध के पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया।
गिरफ्तार आरोपी—
लक्ष्मीनारायण उर्फ लाला साहू, उम्र 26 वर्ष, निवासी ग्राम अमोदा, वार्ड क्रमांक 01, थाना नवागढ़, जिला जांजगीर-चांपा। वर्तमान पता—शारदा चौक, रामगोपाल चौरसिया का मकान, जिला जांजगीर-चांपा।
सोनू साहू, उम्र 20 वर्ष, पिता जयराम साहू, निवासी बेलदारपारा, चांपा, जिला जांजगीर-चांपा।
साइबर थाना टीम की रही अहम भूमिका
इस पूरी कार्रवाई में साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक भास्कर शर्मा, सहायक उपनिरीक्षक विवेक सिंह तथा आरक्षक गिरीश कश्यप, प्रदीप दुबे, माखन साहू और शाहबाज खान का सराहनीय योगदान रहा।
साइबर ठगी से बचने के लिए पुलिस की अपील
शादी या किसी भी रिश्ते के नाम पर अनजान व्यक्ति को ऑनलाइन रकम भेजने से पहले उसकी पहचान और जानकारी की पूरी तरह पुष्टि करें। किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर अपने बैंक खाते में रकम प्राप्त कर उसे नकद वापस करने से भी बचें। ऐसी स्थिति में आपका बैंक खाता भी जांच के दायरे में आ सकता है।










