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दही हांडी ने दिया एकता और टीम भावना का संदेश, मुख्यमंत्री साय बोले—मिलकर प्रयास करें तो कठिन लक्ष्य भी आसान

Kpn24.com रायपुर 06 सितंबर 2026

राजधानी रायपुर के गुढ़ियारी स्थित अवधपुरी मैदान में आयोजित विशाल दही हांडी उत्सव में शनिवार को भक्ति, उल्लास और रोमांच का जबरदस्त संगम देखने को मिला। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय उत्सव में शामिल हुए और गोविंदाओं की टोलियों का उत्साह बढ़ाते हुए प्रदेशवासियों को श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि दही हांडी केवल धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि एकता, सहयोग और सामूहिक शक्ति का जीवंत संदेश है। हांडी तक पहुंचने वाला गोविंदा अकेले ऊंचाई तक नहीं पहुंचता, बल्कि उसके नीचे खड़े हर साथी का विश्वास और सहयोग उसे लक्ष्य तक पहुंचाता है। यही सामूहिक भावना समाज और प्रदेश के विकास की भी ताकत बन सकती है।
श्रीकृष्ण का जीवन कर्तव्य और कर्मयोग की प्रेरणा
मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का संपूर्ण जीवन हर परिस्थिति में अपने कर्तव्य और दायित्व को निभाने की प्रेरणा देता है। ग्वालबालों के प्रिय सखा से लेकर द्वारका के कुशल नेतृत्वकर्ता और कुरुक्षेत्र में सारथी तक, श्रीकृष्ण ने अपनी हर भूमिका पूरी जिम्मेदारी के साथ निभाई। उनका जीवन हमें विपरीत परिस्थितियों में भी कर्मपथ से विचलित न होने की सीख देता है।
राम और कृष्ण की विरासत से जुड़ा छत्तीसगढ़
मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि यह धरती भगवान श्रीराम की ननिहाल और माता कौशल्या की जन्मभूमि है। रामायण काल का दंडकारण्य क्षेत्र भी छत्तीसगढ़ की धरती से जुड़ा रहा है। सरकार प्रदेश की इस गौरवशाली विरासत के संरक्षण और संवर्धन के लिए लगातार काम कर रही है।
उन्होंने बताया कि श्री रामलला दर्शन योजना के माध्यम से अब तक 50 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्याधाम जाकर रामलला के दर्शन कर चुके हैं। वहीं मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के जरिए 10 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को देश के प्रमुख तीर्थ स्थलों की यात्रा कराई जा चुकी है।
धार्मिक विरासत को संवारने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि भोरमदेव, राजिम के कुलेश्वर महादेव, जशपुर का मधेश्वर पहाड़ सहित प्रदेश के अनेक धार्मिक स्थल छत्तीसगढ़ की विशिष्ट पहचान हैं। इसी तरह डोंगरगढ़ की मां बम्लेश्वरी, रतनपुर की मां महामाया, दंतेवाड़ा की मां दंतेश्वरी और चंद्रपुर की मां चंद्रहासिनी जैसे शक्तिपीठ प्रदेश की समृद्ध आस्था और परंपरा के प्रतीक हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार धार्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण, संवर्धन और उन्हें आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
लक्खा और बी प्राक की प्रस्तुतियों ने बांधा समां
विशाल दही हांडी उत्सव में गोविंदाओं की टोलियों ने पूरे जोश और उत्साह के साथ प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। वहीं प्रसिद्ध भजन गायक लखबीर सिंह लक्खा और लोकप्रिय गायक बी प्राक की प्रस्तुतियों ने माहौल को भक्तिमय बना दिया। भजनों और संगीत के बीच पूरा अवधपुरी मैदान श्रीकृष्ण भक्ति के रंग में सराबोर नजर आया।
कार्यक्रम में कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, विधायक मोतीलाल साहू, अनुज शर्मा, ईश्वर साहू सहित अनेक जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में आमजन मौजूद रहे।

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Author: Kpn 24

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