
Kpn24.com रायपुर 12 सितंबर 2026
तीजा-पोरा तिहार के अवसर पर नवा रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास छत्तीसगढ़ी लोकसंस्कृति और मातृशक्ति के उल्लास से सराबोर रहा। प्रदेशभर से पहुंचीं माताओं-बहनों और बेटियों के स्वागत में मुख्यमंत्री निवास को छत्तीसगढ़ी गांव और मायके की तर्ज पर सजाया गया। फुगड़ी, रस्साकशी, कुर्सी दौड़, मेहंदी, झूले और लोक कलाकारों की प्रस्तुतियों ने माहौल को उत्सवमय बना दिया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने महिलाओं का आत्मीय स्वागत करते हुए कहा, “आज मेरा घर आप सभी बहनों का मायका है। आपका अपने भाई के घर आना मेरे लिए सौभाग्य की बात है।” उन्होंने भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
सुपोषण और महिला सशक्तिकरण पर जोर
मुख्यमंत्री ने ‘हर घर मुनगा-घर घर मुनगा’ अभियान का शुभारंभ किया। साथ ही राष्ट्रीय पोषण माह 2026 की शुरुआत करते हुए सुपोषण रथ को हरी झंडी दिखाई और माताओं-बहनों को सुपोषण की शपथ दिलाई। उन्होंने नन्हे बच्चों को खीर खिलाकर अन्नप्राशन संस्कार में भी सहभागिता की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी वंदन योजना की 31 किस्तों में 68 लाख से अधिक महिलाओं के खातों में 20 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि पहुंचाई जा चुकी है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 13.50 लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं और महिलाएं ड्रोन दीदी, डीलर दीदी व रानी मिस्त्री के रूप में आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि महिलाओं के नाम संपत्ति की रजिस्ट्री को प्रोत्साहित करने के लिए पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत और स्टांप शुल्क में एक प्रतिशत की छूट दी जा रही है।
पक्के मकान का संकल्प
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश में 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत हुए हैं, जिनमें साढ़े 11 लाख से अधिक आवास पूरे हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का संकल्प है कि कोई भी जरूरतमंद परिवार पक्के मकान से वंचित न रहे।
महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने भी प्रदेश की माताओं-बहनों को तीजा-पोरा की शुभकामनाएं देते हुए महिला सशक्तिकरण और पोषण के लिए किए जा रहे प्रयासों को महत्वपूर्ण बताया।










