
कलेक्टर-एसपी ने संभाला मोर्चा, तटीय क्षेत्रों और संवेदनशील स्थानों का किया निरीक्षण
Kpn24.com जांजगीर-चांपा 26 सितंबर 2026
गंगरेल बांध के सभी 14 गेट खोले जाने और जिले में लगातार हो रही बारिश के बीच जांजगीर-चांपा जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। संभावित जलभराव और बाढ़ की स्थिति को देखते हुए कलेक्टर जन्मेजय महोबे और पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडेय ने खुद मोर्चा संभाल लिया है।
दोनों अधिकारियों ने महानदी के तटीय क्षेत्रों का मैदानी निरीक्षण कर जलस्तर, नदी के बहाव और सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
कलेक्टर और एसपी मौके से ही संबंधित अधिकारियों से लगातार फीडबैक ले रहे हैं और परिस्थितियों के अनुसार आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर रहे हैं। प्रशासन ने राजस्व, पुलिस, जल संसाधन, नगर सेना सहित संबंधित विभागों को पूरी तरह अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं।
बाढ़ की स्थिति से निपटने तैयार दो आपदा प्रतिक्रिया दल
संभावित बाढ़ अथवा आपदा की स्थिति से निपटने के लिए जिले में होमगार्ड जवानों की जिला आपदा प्रतिक्रिया बल (DDRF) की दो टीमें तैयार रखी गई हैं। इनमें से एक टीम को मोटर बोट और अन्य आवश्यक बचाव उपकरणों के साथ शिवरीनारायण में तैनात किया गया है, जबकि दूसरी टीम को जिला मुख्यालय में रिजर्व रखा गया है।
इसके साथ ही एसडीआरएफ बिलासपुर से लगातार संपर्क और समन्वय बनाए रखा जा रहा है, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जा सके।
शिवरीनारायण में संवेदनशील स्थानों का निरीक्षण
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर-एसपी ने शिवरीनारायण क्षेत्र में महानदी के शिवरीनारायण बैराज, घाट, पुल, सांस्कृतिक भवन और बसंतपुर बैराज सहित विभिन्न संवेदनशील स्थानों का निरीक्षण किया। घाट और पुलों पर सुरक्षा की दृष्टि से बैरिकेडिंग की गई है तथा पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
अधिकारियों को नदी के जलस्तर और बहाव पर लगातार नजर रखने तथा परिस्थितियों के अनुरूप सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं।
पुलों पर पानी बढ़ा तो तत्काल रोका जाएगा आवागमन
कलेक्टर-एसपी ने नदी पर बने पुल-पुलियों और आवागमन वाले क्षेत्रों की स्थिति का भी जायजा लिया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि यदि किसी पुल पर पानी का बहाव आवागमन के लिए जोखिमपूर्ण स्तर तक पहुंचता है तो तत्काल यातायात नियंत्रित किया जाए और आवश्यकता पड़ने पर आवागमन पूरी तरह रोक दिया जाए।
संवेदनशील पुलों और जलभराव वाले क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए गए हैं।
तटीय गांवों में मुनादी के निर्देश
कलेक्टर ने महानदी के तटीय क्षेत्रों के साथ-साथ पूर्व में जलभराव की स्थिति वाले आबादी क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने को कहा है। ग्रामीणों को संभावित जलभराव और आवश्यक सावधानियों की जानकारी देने के लिए मुनादी कराने के निर्देश दिए गए हैं।
जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए चिन्हित सुरक्षित स्थलों पर आवश्यक व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित रखने को भी कहा गया है।
नदी किनारे सेल्फी और वीडियो बनाने से बचें
कलेक्टर और एसपी ने जिलेवासियों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि नागरिक नदी, पुल और तेज बहाव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से न जाएं। तेज बहाव के बीच सेल्फी या वीडियो बनाने का जोखिम बिल्कुल न उठाएं।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें और किसी भी आकस्मिक अथवा आपात स्थिति की सूचना तत्काल प्रशासन या संबंधित अधिकारियों को दें, ताकि समय रहते राहत एवं बचाव कार्रवाई की जा सके।
फिलहाल स्थिति सामान्य, लेकिन प्रशासन की पैनी नजर
जिला प्रशासन के अनुसार फिलहाल जिले में स्थिति सामान्य है। हालांकि, लगातार बारिश और गंगरेल बांध के सभी 14 गेट खुले होने को देखते हुए महानदी के तटीय क्षेत्रों, पुल-पुलियों और जलस्तर की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
कलेक्टर और एसपी के मैदानी निरीक्षण से यह भी स्पष्ट है कि प्रशासन किसी भी आकस्मिक परिस्थिति से निपटने के लिए संसाधनों और सुरक्षा व्यवस्था को तैयार रखने में जुटा है।
निरीक्षण के दौरान सीईओ जिला पंचायत विनय कुमार पोयाम, एसडीएम भावना साहू सहित संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।










