
कमीशन के लालच में खुलवाए बैंक खाते, साइबर ठगों को उपलब्ध कराई गई ठगी की रकम; करीब 18.17 लाख रुपये के लेनदेन की जांच
Kpn24.com जांजगीर-चांपा 26 सितंबर 2026
साइबर ठगी के लिए बैंक खातों का इस्तेमाल कराने वाले नेटवर्क पर चांपा पुलिस ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। म्यूल खातों के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इससे पहले पुलिस इसी मामले में एक महिला समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज चुकी है।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी कमीशन के लालच में अपने नाम से बैंक खाते खुलवाते थे और इन खातों की जानकारी तथा उपयोग साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराते थे। इन खातों के माध्यम से विभिन्न राज्यों में की गई ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी की रकम को इधर-उधर स्थानांतरित किया गया।
करीब 18.17 लाख रुपये की ठगी का सामने आया मामला
समन्वय पोर्टल से प्राप्त इनपुट के आधार पर चांपा पुलिस ने मामले की तकनीकी जांच शुरू की। बैंक खातों में हुए लेनदेन, धनराशि के हस्तांतरण और उपलब्ध तकनीकी साक्ष्यों की गहन पड़ताल के बाद पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले। जांच में करीब 18,17,216 रुपये की ठगी की राशि आरोपियों द्वारा उपलब्ध कराए गए म्यूल खातों में ट्रांसफर होने की जानकारी सामने आई।
जांच के आधार पर पुलिस ने मामले में फरार चल रहे शुभम भारद्वाज (22 वर्ष), निवासी छोटेकोट, थाना मालखरौदा, जिला सक्ती को गिरफ्तार कर लिया।
क्या होता है म्यूल अकाउंट?
म्यूल अकाउंट ऐसे बैंक खाते को कहा जाता है, जिसे कोई व्यक्ति कमीशन या आर्थिक लालच के बदले साइबर अपराधियों को इस्तेमाल करने के लिए उपलब्ध कराता है। साइबर ठगी की रकम पहले इन खातों में पहुंचाई जाती है और फिर अलग-अलग खातों में स्थानांतरित कर दी जाती है। इससे वास्तविक साइबर अपराधियों तक पहुंचना जांच एजेंसियों के लिए मुश्किल हो जाता है।
पुलिस के अनुसार, साइबर अपराधियों को अपना बैंक खाता उपलब्ध कराना भी गंभीर मामला है और ऐसे खातों का उपयोग अपराध में होने पर खाता उपलब्ध कराने वाले व्यक्ति की भूमिका की भी जांच की जाती है।
पहले दो आरोपी हो चुके हैं गिरफ्तार
इस प्रकरण में पुलिस पूर्व में एक महिला सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज चुकी है। अब फरार आरोपी शुभम भारद्वाज की गिरफ्तारी से मामले की जांच को आगे बढ़ाने में पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता मिली है।
पुलिस टीम की रही अहम भूमिका
पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक कमलेश कुमार सेन्डे, प्रधान आरक्षक सुनील सिंह एवं थाना चांपा पुलिस स्टाफ का सराहनीय योगदान रहा।










