
मनीष विर्द्यार्थी उज्जैन मध्यप्रदेश
Kpn24.com उज्जैन 28 सितंबर 2026
महाकाल की नगरी उज्जैन में आगामी 1 अक्टूबर से ओशो कीर्तन की उत्सव गंगा बहने जा रही है। ओशो महाकाल धाम आश्रम में तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला एवं ध्यान शिविर का आयोजन किया जाएगा। आयोजन के माध्यम से साधकों को ध्यान, आत्मबोध और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।
स्वामी योगेन्द्र भारती एवं नवीन सोलंकी ने बताया कि ओशो महाकाल धाम आश्रम, तक्षशिला स्कूल के पीछे 1 अक्टूबर की शाम 6 बजे से 4 अक्टूबर दोपहर भोजन तक यह विशेष ध्यान शिविर आयोजित होगा। शिविर में ध्यान के माध्यम से निराशा, हताशा और अवसाद से मुक्ति तथा अंतर्मन की शांति से जुड़े विषयों पर साधकों को मार्गदर्शन दिया जाएगा।
ध्यान के अनूठे आयामों से कराया जाएगा परिचय
आयोजकों के अनुसार शिविर में ध्यान जगत के विभिन्न आयामों और उसके आध्यात्मिक पक्षों को समझने तथा आत्मसात करने का प्रयास किया जाएगा। कार्यक्रम में मां प्रेम संगीत एवं स्वामी बोधि निजेन द्वारा संचालन किया जाएगा। आयोजकों ने ओशो के विचारों और कार्यों को व्यापक स्तर पर पहुंचाने के लिए साधकों एवं नागरिकों से सहभागिता का आग्रह किया है।
2 अक्टूबर को मुख्यमंत्री के समक्ष रखा जाएगा प्रस्ताव
कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण पक्ष आगामी 2 अक्टूबर, गांधी जयंती को सामने आएगा। आयोजकों के अनुसार इस अवसर पर ओशो महाकाल धाम आश्रम में एकत्र होकर मध्यप्रदेश में ओशो के कार्यों के विस्तार से संबंधित प्रस्ताव मुख्यमंत्री मोहन यादव के समक्ष रखने की तैयारी है।
प्रस्ताव में प्रदेश के विभिन्न संभाग, जिला एवं पंचायत स्तर पर ध्यान केंद्रों की स्थापना, भूमि आवंटन तथा वार्षिक आयोजनों में मध्यप्रदेश शासन की सहभागिता के संबंध में सहयोग एवं स्वीकृति का आग्रह किया जाएगा।
ओशो विचारों के विस्तार को लेकर जुटेंगे साधक
आयोजकों का कहना है कि उज्जैन से ओशो के ध्यान एवं विचारों को प्रदेश के व्यापक क्षेत्र तक पहुंचाने की दिशा में पहल की जा रही है। इसी उद्देश्य से विभिन्न स्थानों से साधकों और ओशो अनुयायियों के शिविर में शामिल होने की अपेक्षा की गई है।
कार्यक्रम में स्वामी बोधि सागर हिमांशु, मां दिव्यम कान्ता, मां प्रेम वर्षा जोशी, स्वामी सुदर्शन दुबे, मां प्रेम अंजु, मां प्रेम रेणुका, स्वामी बोधि अशोक, स्वामी हर्षद नागर तथा स्वामी योग मनीष सोनी (विद्यार्थी) ने सहभागिता का आग्रह किया है।










