
नाली के पानी में डूबा गड्ढा बना वाहन चालकों के लिए मुसीबत, कई दोपहिया चालक हो चुके हैं चोटिल; मरम्मत की मांग
KPN24.com बिर्रा जांजगीर चांपा 28 अक्टूबर 2026
सड़क के बीचोंबीच बना बड़ा गड्ढा, उसमें भरा नाली का गंदा पानी और उससे गुजरते वाहन चालक! बिर्रा के बसंतपुर-भटगांव मार्ग की यह तस्वीर सड़क की बदहाली की कहानी खुद बयां कर रही है। लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत आने वाले इस मार्ग पर बदहाल सड़क अब राहगीरों और वाहन चालकों के लिए मुसीबत बन गई है। गड्ढे में पानी भरा होने के कारण उसकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में खासकर दोपहिया वाहन चालकों के दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा लगातार बना हुआ है।
सड़क पर गड्ढा या हादसों को न्योता?
जनपद पंचायत बम्हनीडीह के अंतर्गत ग्राम पंचायत बिर्रा में बसंतपुर बैराज प्रवेश द्वार के पास, भट्टी से पहले बसंतपुर-भटगांव मार्ग की स्थिति लंबे समय से परेशानी का कारण बनी हुई है। सड़क के बीचोंबीच बने बड़े गड्ढे में नाली का पानी भर जाने से वाहन चालकों को इसकी वास्तविक गहराई दिखाई नहीं देती। अचानक पहिया गड्ढे में पड़ते ही वाहन अनियंत्रित होने का खतरा रहता है।
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, इस गड्ढे में गिरने से कई मोटरसाइकिल सवार घायल हो चुके हैं। इसके बावजूद सड़क की मरम्मत नहीं होने से लोगों में नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है।
परिवर्तित मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही से बढ़ी परेशानी
वर्तमान में शबरी सेतु का निर्माण कार्य जारी होने के कारण इस मार्ग का उपयोग परिवर्तित मार्ग के रूप में किया जा रहा है। यहां से प्रतिदिन भारी वाहनों की आवाजाही होने के कारण सड़क की स्थिति और भी चिंताजनक हो गई है। भारी वाहनों के दबाव के बीच सड़क पर बने गड्ढे राहगीरों के लिए अतिरिक्त जोखिम पैदा कर रहे हैं।
नाली का पानी भरा होने के कारण दिन के उजाले में भी गड्ढे की वास्तविक स्थिति का पता लगाना मुश्किल होता है। ऐसे में रात के समय इस मार्ग से गुजरना और भी जोखिम भरा हो सकता है।
जिम्मेदार विभाग से मरम्मत की मांग
स्थानीय लोगों ने संबंधित लोक निर्माण विभाग से सड़क की स्थिति का तत्काल निरीक्षण कर गड्ढे की मरम्मत कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की इस समस्या को नजरअंदाज करना किसी बड़ी दुर्घटना को न्योता देने जैसा हो सकता है।
अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए समय रहते मरम्मत की पहल करता है या फिर वाहन चालक इसी तरह दुर्घटना के खतरे के बीच आवागमन करने को मजबूर रहेंगे।










