
KPN24 :- नागपुर-जबलपुर हाईवे से एक बेहद दिल को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जो न सिर्फ मानवता पर सवाल उठाती है, बल्कि हमारी आपातकालीन मेडिकल सेवाओं की हकीकत को भी उजागर करती है। रक्षाबंधन के दिन हुए एक सड़क हादसे में पत्नी को खो चुके शख्स ने जब हर ओर से मदद की गुहार लगाई और कोई सहायता नहीं मिली, तो अंततः उसने पत्नी के शव को बाइक पर बांधकर गांव ले जाने का फैसला किया।
यह दर्दनाक हादसा उस वक्त हुआ जब अमित यादव अपनी पत्नी ज्ञारसी के साथ नागपुर के लोनारा से मध्य प्रदेश के करनपुर जा रहे थे। रास्ते में एक तेज़ रफ्तार ट्रक ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। इस हादसे में ज्ञारसी सड़क पर गिर गईं और ट्रक उनके ऊपर से गुजर गया। हादसे के बाद ट्रक चालक मौके से फरार हो गया।
घटना के बाद अमित यादव ने मौके पर मौजूद राहगीरों और गुजरते वाहनों से मदद मांगी, एंबुलेंस बुलाने की भी कोशिश की, लेकिन किसी ने कोई सहायता नहीं की। अंततः लाचार होकर अमित ने पत्नी के शव को अपनी बाइक पर बांधा और अपने गांव की ओर रवाना हो गया।
इस दौरान हाईवे पर पेट्रोलिंग कर रही पुलिस वैन ने जब यह विचलित करने वाला दृश्य देखा और पूरी स्थिति समझी, तो तुरंत बाइक को रोका। पुलिस ने महिला के शव को नागपुर लाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा और मामले में दुर्घटना से मौत का केस दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि आगे की कार्रवाई पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद की जाएगी।
इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें अमित यादव बाइक पर पत्नी के शव के साथ जाते दिखाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि वीडियो खुद पुलिस ने रिकॉर्ड किया था।
अमित यादव का परिवार फिलहाल नागपुर में रहता है, लेकिन मूल रूप से मध्य प्रदेश के सिवनी जिले का निवासी है। यह घटना न सिर्फ समाज की संवेदनहीनता को उजागर करती है, बल्कि सड़क हादसों में तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के सरकारी दावों पर भी बड़ा सवाल खड़ा करती है।










