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जांजगीर-चांपा पुलिस की मानवीय पहल — पीड़ित परिवारों की बेटियों की शिक्षा की जिम्मेदारी उठाई”

KPN24:- जांजगीर-चांपा जिले के थाना बिर्रा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम करही में हाल ही में घटित तीन जघन्य हत्याओं के पीड़ित परिवारों के लिए जांजगीर-चांपा पुलिस का संवेदनशील और मानवीय चेहरा सामने आया है। पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय ने पीड़ित परिवारों की बेटियों की शिक्षा की पूरी जिम्मेदारी लेते हुए एक अनुकरणीय पहल की है।

गंभीर घटना के बाद मानवीय हस्तक्षेप

सितंबर 2025 में करही गांव में हुई त्रिस्तरीय हत्या की भयावह घटना के बाद इलाके में शोक और असुरक्षा का माहौल था। मृतक परिवारों पर न केवल मानसिक आघात था, बल्कि आर्थिक संकट भी गहराता जा रहा था, जिससे विशेष रूप से बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही थी।

इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक श्री पाण्डेय ने एसडीओपी चांपा यदुमणि सिदार और थाना प्रभारी बिर्रा निरीक्षक जयकुमार साहू के साथ पीड़ित परिवारों से सीधे मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं।

मायरा बघेल की पढ़ाई का जिम्मा उठाया

मृतक उपसरपंच महेन्द्र बघेल की नन्ही पुत्री मायरा बघेल, जो वर्तमान में एम.एस. कश्यप बाल संस्कार इंग्लिश मीडियम स्कूल, पेण्ड्री (जिला सक्ती) में पढ़ती हैं, पारिवारिक संकट के चलते स्कूल छोड़ने की स्थिति में थीं।
इस पर पुलिस अधीक्षक श्री पाण्डेय ने संवेदनशीलता दिखाते हुए 2025-26 सत्र की समस्त स्कूल फीस और परिवहन शुल्क स्वयं वहन करने का निर्णय लिया।

थाना बिर्रा की टीम द्वारा विद्यालय में संपर्क कर सभी शुल्कों का भुगतान किया गया। साथ ही, मायरा को पाठ्य पुस्तकें, स्टेशनरी, स्कूल बैग एवं अन्य शैक्षणिक सामग्री भी प्रदान की गई।

सोनिया कश्यप को दिलाई उच्च शिक्षा की राह

इसी प्रकार, मृतक मनोज कश्यप की बड़ी पुत्री सोनिया कश्यप, जो 12वीं उत्तीर्ण कर चुकी हैं, को स्नातक शिक्षा हेतु प्रोत्साहित किया गया।
हालांकि शैक्षणिक सत्र प्रारंभ हो चुका है, फिर भी पुलिस टीम लगातार प्रयास कर रही है कि सोनिया की उच्च शिक्षा सुनिश्चित की जा सके।

पुलिस की संवेदनशीलता ने जीता दिल

ग्राम करही के पीड़ित परिवारों ने इस प्रयास को “सामुदायिक पुलिसिंग का जीवंत उदाहरण” बताया। गांववासियों का कहना है कि पुलिस प्रशासन ने केवल अपराध नियंत्रण ही नहीं किया, बल्कि दुख की घड़ी में संवेदना, सुरक्षा और सहयोग के साथ खड़ा रहकर समाज को सकारात्मक संदेश दिया है।

पुलिस अधीक्षक का संदेश: “शिक्षा और सुरक्षा हमारी प्राथमिकता”

पुलिस अधीक्षक श्री पाण्डेय ने कहा,

“हमारी कोशिश है कि अपराध पीड़ितों के पुनर्वास और उनके भविष्य को सुरक्षित किया जा सके। शिक्षा ही वह माध्यम है जो इन बच्चों को नई दिशा दे सकता है। पुलिस विभाग हर संभव सहायता के लिए प्रतिबद्ध है।”

एक उम्मीद, एक संदेश

इस पूरे प्रकरण से यह स्पष्ट होता है कि पुलिस विभाग सिर्फ अपराध रोकने तक सीमित नहीं, बल्कि समाज के कमजोर वर्गों के प्रति संवेदनशील, उत्तरदायी और सक्रिय भागीदार भी है। जांजगीर-चांपा पुलिस की यह पहल न केवल पीड़ित परिवारों के लिए आशा की किरण बनी है, बल्कि यह भविष्य में सामुदायिक पुलिसिंग की दिशा में एक मजबूत कदम भी है।

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Author: Kpn 24

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