
KPN24.com रायपुर 21 मार्च 2026
छत्तीसगढ़ की सियासत में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। सरगुजा ओलिंपिक और छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल कानून को लेकर कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोपों पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने करारा जवाब दिया है। उन्होंने दो टूक कहा कि “जिन लोगों ने पांच वर्षों तक सिर्फ भ्रष्टाचार किया, उन्हें हमारी सरकार को नसीहत देने का कोई अधिकार नहीं है।”
मुख्यमंत्री साय ने कांग्रेस पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि जिनके कार्यकाल में जनता के वादे अधूरे रह गए, वे आज सरकार की नीयत पर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि “जनादेश मिलने के बाद भी जिन्होंने अपने वादे नहीं निभाए, वे आज हमें सीख देने की कोशिश कर रहे हैं—यह कतई शोभा नहीं देता।”
उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस शासनकाल में आम जनता को न्याय नहीं मिला और विकास कार्य ठप रहे। ऐसे में वर्तमान सरकार के हर सकारात्मक कदम पर सवाल उठाना केवल राजनीतिक निराशा को दर्शाता है।
युवाओं के भविष्य पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार युवाओं के भविष्य को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल कानून भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, व्यवस्थित और समयबद्ध बनाएगा, जिससे युवाओं को निष्पक्ष अवसर मिलेंगे।
वहीं, सरगुजा ओलिंपिक जैसे आयोजन को उन्होंने युवाओं की प्रतिभा निखारने का मजबूत मंच बताया, जो प्रदेश के खेल प्रतिभाओं को नई पहचान देने का काम कर रहा है।
“सुशासन और विकास ही हमारी पहचान”
मुख्यमंत्री साय ने कांग्रेस के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि उनकी सरकार सुशासन, पारदर्शिता और विकास के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है। उन्होंने भरोसा जताया कि प्रदेशवासियों का विश्वास ही सरकार की सबसे बड़ी ताकत है और उसी के बल पर छत्तीसगढ़ को नई ऊंचाइयों तक ले जाया जाएगा।










