
KPN24:- छत्तीसगढ़ में कुछ दिनों बाद नक्सली भी होते थे ये बीते दिनों की बात होने वाली है इसके लिए सुरक्षा कर्मी लगातार ऑपरेशन चला रहे हैं कभी नक्सलियों को मारा जा रहा है तो कभी उनका समर्पण कराया जा रहा है जिससे नक्सली संगठन बैकफुट पर है।
छत्तीसगढ़ में नक्सलियों की सुरक्षित पनाहगाह माने जाने वाले अबूझमाड़ में अब माओवादियों के किले को सेंध लग रही है. सुरक्षाबलों के नक्सल ऑपरेशन का असर अब नक्सलियों की एरिया कमेटियों पर पड़ रहा है. पहली बार अबूझमाड़ में नक्सलियों की कुतुल एरिया कमेटी को बड़ा झटका लगा है. शुक्रवार को कुल 22 इनामी नक्सलियों ने नारायणपुर एसपी रॉबिनसन गुड़िया के सामने सरेंडर किया है. इस पर पुलिस अधीक्षक रॉबिनसन गुड़िया ने कहा है कि यह शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं और पुलिस की जनसंपर्क रणनीति की सफलता को दर्शाता है.
37 लाख से ज्यादा के इनामी नक्सलियों का सरेंडर:
सरेंडर करने वाले नक्सलियों में कुल 37 लाख रुपये से ज्यादा के इनामी नक्सली है. कुल 14 पुरुष माओवादियों और 8 महिला माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है. इसमें सबसे प्रमुख कुतुल एरिया कमेटी का सचिव और उसकी पत्नी है. 8 लाख रुपये का इनामी कुतुल एरिया कमेटी सचिव सुखलाल कुंजाम और उसकी पत्नी हिड़मे कुंजाम ने हथियार डालकर लाल आतंक से तौबा किया है. हिड़मे कुंजाम पर 5 लाख रुपये का इनाम है.

अबूझमाड़ में नक्सलियों को झटका
सुखलाल कुंजाम उर्फ मानकू के ऊपर 8 लाख का इनाम था. वह कुतुल एरिया कमेटी सचिव (DVCM) था. वह बीते पिछले 14 वर्षों से सक्रिय रहा है. इरकभट्टी कैंप पर ग्रेनेड हमला सहित कई घटनाओं में सुखलाल कुंजाम शामिल रहा है. जबकि उसकी पत्नी हिड़में कुंजाम के ऊपर कुल 5 लाख रुपये का इनाम था. वह नक्सलियों के माड़ डिवीजन की सप्लाई टीम एसीएम टीम की सदस्य थी।
रॉबिनसन गुड़िया, एसपी, नारायणपुर










