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क्रोमियम और प्लेटिनम समूह के तत्वों की खोज से छत्तीसगढ़ में खुला समृद्धि का नया द्वार

KPN24:- छत्तीसगढ़ ने खनिज संसाधनों के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज करते हुए निकल (Nickel), क्रोमियम (Chromium) और प्लेटिनम समूह के तत्वों (PGE) की सफल खोज की है। यह खोज महासमुंद जिले के भालुकोना–जामनीडीह क्षेत्र में हुई है और इसे देश में रणनीतिक खनिजों की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है।

यह उपलब्धि मेसर्स डेक्कन गोल्ड माइनिंग लिमिटेड (DGML) द्वारा हासिल की गई है, जिसे राज्य सरकार द्वारा संयुक्त अनुज्ञा क्षेत्र की ई-नीलामी में 21% की सर्वाधिक बोली पर यह ब्लॉक आवंटित किया गया था। यह खनिज ब्लॉक लगभग 3000 हेक्टेयर में फैला है और इसमें निकल, क्रोमियम व PGE की पुष्टि से इस क्षेत्र की खनिजीय क्षमता का नया मूल्यांकन शुरू हो चुका है।

DGML द्वारा किए गए विस्तृत अन्वेषण कार्यों में भू-वैज्ञानिक मानचित्रण, रॉक चिप सैंपलिंग, ड्रोन आधारित मैग्नेटिक सर्वेक्षण और इंड्यूस्ड पोलराइजेशन (IP) सर्वेक्षण शामिल हैं। प्रारंभिक निष्कर्षों में 700 मीटर लंबी खनिजीकृत पट्टी की पहचान हुई है, जिसमें 300 मीटर गहराई तक सल्फाइड खनिजों की उपस्थिति दर्ज की गई है।

भालुकोना ब्लॉक के समीप स्थित केलवरडबरी ब्लॉक, जो पूर्व में वेदांता लिमिटेड को नीलाम किया गया था, के साथ इस क्षेत्र के सामूहिक विकास की संभावना से महासमुंद को देश के रणनीतिक खनिजों के एक प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में मार्ग प्रशस्त हुआ है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस खोज को “आत्मनिर्भर भारत” मिशन के अनुरूप बताते हुए कहा, “यह उपलब्धि न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि देश के लिए रणनीतिक खनिजों को सुरक्षित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। राज्य सरकार वैज्ञानिक अन्वेषण और सतत विकास को हरसंभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है।”

खनिज संसाधन विभाग के सचिव पी. दयानंद ने इस खोज को “रणनीतिक छलांग” की संज्ञा दी। उन्होंने कहा कि हरित ऊर्जा, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और हाई-टेक तकनीकों के लिए जरूरी खनिजों में निकेल और PGE की मांग तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में छत्तीसगढ़ की यह खोज भारत को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में एक नई ताकत दे सकती है।

राज्य में खनिज विकास को संस्थागत रूप से मजबूत करने के लिए खनिज साधन विभाग के अधीन क्रिटिकल मिनरल सेल का गठन भी किया गया है, जो शैक्षणिक एवं तकनीकी संस्थानों के सहयोग से खनिज अन्वेषण को गति दे रहा है।

2024-25 के अन्वेषण प्रस्तावों में 50% से अधिक हिस्सेदारी रणनीतिक खनिजों की है। अब तक राज्य द्वारा ग्रेफाइट, लिथियम, ग्लॉकोनाइट, फॉस्फोराइट, वैनाडियम सहित 51 खनिज ब्लॉकों की सफलतापूर्वक नीलामी की जा चुकी है। इसके अतिरिक्त, 6 टिन ब्लॉकों को भारत सरकार को आगामी नीलामी हेतु सौंपा गया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह खोज छत्तीसगढ़ को न केवल खनिज समृद्धि के मानचित्र पर आगे लाएगी, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा, राष्ट्रीय सुरक्षा और उच्च तकनीक विकास के क्षेत्र में भी भारत को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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Author: Kpn 24

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