
KPN24:- जांजगीर-चांपा जिले के बलौदा नगर से एक बेहद चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां एक 12 वर्षीय बालक को कुत्ते के काटने के बाद समय पर रेबिज इंजेक्शन नहीं मिलने से उसकी जान जोखिम में पड़ गई। वार्ड नंबर 10, रामनगर बलौदा निवासी सुमित वर्मा (पुत्र जवाहरलाल वर्मा) को कुत्ते ने काट लिया था, जिसके बाद उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बलौदा में उपचार के लिए लाया गया।
बताया गया कि सुमित को दो रेबिज इंजेक्शन लगाए जा चुके थे, लेकिन जब तीसरे डोज के लिए परिजन उसे लेकर अस्पताल पहुंचे तो डॉक्टरों ने यह कहकर इलाज करने से मना कर दिया कि रेबिज इंजेक्शन अस्पताल में उपलब्ध नहीं है। परिजनों ने बार-बार डॉक्टरों से निवेदन किया, लेकिन उन्हें कोई सहायता नहीं मिली।
जब इस गंभीर मामले की जानकारी क्षेत्रीय विधायक राघवेन्द्र कुमार सिंह को मिली, तो उन्होंने तत्काल अस्पताल प्रबंधन से संपर्क साधा। विधायक के हस्तक्षेप के बाद ही अस्पताल प्रबंधन ने बाजार से रेबिज इंजेक्शन की व्यवस्था कर बच्चे को इंजेक्शन उपलब्ध कराया।
इस घटनाक्रम से नाराज विधायक राघवेन्द्र कुमार सिंह ने जिले की स्वास्थ्य सेवाओं की बिगड़ती स्थिति पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और तत्काल प्रभाव से सभी आवश्यक दवाएं और सुविधाएं मरीजों के लिए उपलब्ध कराई जाएं।
इस संबंध में जब जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. मनोज कुमार बर्मन से बात की गई, तो उन्होंने माना कि जिले में रेबिज इंजेक्शन की कमी जरूर है, लेकिन उनका दावा है कि प्रत्येक स्वास्थ्य केंद्र पर ये इंजेक्शन उपलब्ध हैं। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि दवाओं की खरीदी राज्य स्तर से होती है और उन्हें परमिशन मिलने पर वे आवश्यक दवाओं की व्यवस्था कर लेंगे।
यह मामला स्वास्थ्य व्यवस्था में व्याप्त अव्यवस्था और लापरवाही को उजागर करता है, जहां एक मासूम की जान सिर्फ एक इंजेक्शन की अनुपलब्धता के कारण खतरे में पड़ गई। सवाल यह भी उठता है कि यदि विधायक हस्तक्षेप नहीं करते, तो क्या बच्चे को समय पर इलाज मिल पाता?
स्वास्थ्य सुविधाओं की इस कमी को लेकर जनता के बीच गहरा रोष है और अब सभी की नजरें जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर टिकी हुई हैं।










