
KPN24:- जांजगीर-चांपा जिले में छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक शाखा बिर्रा में गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। शाखा में पदस्थ चपरासी मनहरण लाल साहू एवं महिला बैंक मित्र आशा गणेशराम साहू पर महिला समूहों से लोन पास कराने के एवज में कमीशन लेने के आरोप लगे हैं।
ग्राहकों और महिला समूहों का आरोप है कि दोनों की आपसी मिलीभगत से बैंकिंग प्रक्रियाओं में मनमानी की जा रही है। जिन महिला समूहों ने कमीशन नहीं दिया, उनके लोन की फाइलें महीनों तक अटकी रहीं, जबकि रुपए देने पर महज दो-तीन दिनों में लोन पास कर दिया गया।
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि चपरासी मनहरण लाल साहू लंबे समय से—करीब 20 से 25 वर्षों से एक ही शाखा में पदस्थ हैं और अपने अनुभव का फायदा उठाकर बैंकिंग सुविधाओं को अपने ‘जाल’ में फंसाकर कमीशनखोरी का खेल चला रहे हैं। वहीं महिला बैंक मित्र आशा साहू पर भी लोन पास कराने की प्रक्रिया में ‘दलाल’ की तरह काम करने के आरोप लगाए गए हैं।
ग्राहकों ने यह भी आरोप लगाया कि बार-बार बैंक चक्कर लगाने के बावजूद चपरासी व बैंक मित्र के बिना फाइलें आगे नहीं बढ़तीं। उनके कथित ‘आज आना, कल आना, एक हफ्ते बाद आना’ वाले रवैये से खाता धारकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
इस मामले पर ग्रामीणों ने दोनों को हटाने और उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
पक्ष में बयान
मनहरण लाल साहू, चपरासी, ने अपने ऊपर लगे आरोपों को बेबुनियाद बताया और कहा –
“मेरे खिलाफ लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं। इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।”
मंगल केवट, शाखा प्रबंधक, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक बिर्रा, ने कहा –
“उक्त संबंध में जानकारी लेकर उचित कार्रवाई की जाएगी।”










