
KPN24:- छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय अपने एक दिवसीय कोरबा प्रवास के दौरान भवानी मंदिर परिसर में आयोजित श्री राम कथा महोत्सव में शामिल हुए। उन्होंने श्री श्री 1008 जगद्गुरू श्री रामभद्राचार्य जी के दर्शन कर आशीर्वाद लिया और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने श्रद्धालुओं को नवरात्रि और दशहरा पर्व की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि जगद्गुरू के आगमन से ऊर्जाधानी की यह धरती धन्य हो गई है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ माता कौशल्या का मायका और प्रभु श्री राम का ननिहाल है। श्रीराम ने अपने वनवास काल का अधिकांश समय इसी पावन धरती पर व्यतीत किया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में मोदी की गारंटी को पूरा करने का कार्य तेजी से हो रहा है और आने वाले समय में छत्तीसगढ़ एक विकसित राज्य के रूप में स्थापित होगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में 31 मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद समाप्त करने का संकल्प लिया गया है। प्रदेश में भी नक्सलवाद को जड़ से मिटाने के लिए लगातार प्रयास जारी हैं और हमारे बहादुर जवानों को लगातार सफलता मिल रही है।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर भवानी मंदिर स्थल का नामकरण ‘कौशल्या धाम’ करने की घोषणा की। उन्होंने नव-निर्मित कौशल्या धाम मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली, शांति एवं समृद्धि की मंगलकामना की। मंदिर परिसर में स्थापित माता कौशल्या की गोद में बाल रूप श्रीराम की भव्य प्रतिमा का अवलोकन करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्य की सराहना की।
मुख्यमंत्री ओपन थिएटर मैदान में रामलीला महोत्सव में हुए शामिल
कोरबा प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शहर के घंटाघर स्थित ओपन थिएटर मैदान में आयोजित रामलीला महोत्सव में भी सम्मिलित हुए। उन्होंने नगरवासियों को नवरात्रि की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि नवरात्रि पर्व शक्ति, भक्ति और सद्भाव का प्रतीक है। रामलीला हमारे जीवन मूल्यों और आदर्शों को जन-जन तक पहुँचाने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने भावुक होकर कहा कि रामलीला देखकर उनके बचपन की स्मृतियाँ ताज़ा हो गईं।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री एवं अन्य अतिथियों का स्वागत राम दरबार की प्रतिकृति, शॉल एवं श्रीफल भेंट कर किया गया। इस अवसर पर उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु, जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित थे।










