
KPN24:- जांजगीर-चांपा जिले में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत पारदर्शिता और जनसहभागिता को सशक्त बनाने के उद्देश्य से एक अभिनव डिजिटल पहल की शुरुआत की गई है। जिले की सभी ग्राम पंचायतों में रोजगार दिवस के अवसर पर ग्रामीणों को क्यूआर कोड प्रणाली की जानकारी दी गई।
इस प्रणाली के माध्यम से अब ग्रामीण अपने मोबाइल फोन से पंचायत भवन या अन्य सार्वजनिक स्थलों पर लगाए गए क्यूआर कोड को स्कैन कर पंचायत से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी तुरंत प्राप्त कर सकेंगे। इनमें पिछले तीन वर्षों के स्वीकृत कार्यों की सूची, व्यय राशि, प्रगतिरत कार्य, जॉब कार्डधारियों की संख्या तथा कुल सृजित मानव दिवस जैसी सूचनाएँ शामिल हैं।
यह नवाचार कलेक्टर जन्मेजय महोबे के मार्गदर्शन में आरंभ किया गया है। जिले की सभी पंचायतों में पंचायत भवन सहित प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर क्यूआर कोड लगाए जा चुके हैं, जिससे हर नागरिक अपने गाँव के विकास कार्यों की अद्यतन जानकारी सरलता से देख सकेगा।
रोजगार दिवस के दौरान ग्रामीणों को भविष्य के विकास कार्यों की दिशा, परिसंपत्तियों के निर्माण में उनकी सहभागिता, पौधारोपण, जल संरक्षण, कृषि आधारित परिसंपत्तियों और जॉब कार्ड से जुड़ी जानकारी भी दी गई। उल्लेखनीय है कि हाल ही में कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने हेडसपुर में निरीक्षण के दौरान ग्राम पंचायत भवन पहुँचकर स्वयं मनरेगा के क्यूआर कोड को अपने मोबाइल से स्कैन कर पंचायत के विकास कार्यों की जानकारी मौके पर ही देखी।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत जांजगीर-चांपा गोकुल रावटे ने बताया कि सभी जनपद पंचायतों के अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे रोजगार दिवस एवं ग्राम सभा के अवसर पर क्यूआर कोड प्रणाली की व्यापक जानकारी ग्रामीणों तक पहुँचाएँ और जनजागरूकता अभियान चलाएँ।
उन्होंने कहा कि यह पहल ग्रामीणों को योजनाओं की निगरानी में सक्रिय भागीदारी का अवसर प्रदान करेगी। अब कोई भी ग्रामीण जान सकेगा कि उसके गाँव में विकास कार्यों पर कितना और कहाँ खर्च हुआ है। इससे योजनाओं के प्रति जनता का भरोसा और अधिक मजबूत होगा।
ग्राम पंचायत स्तर पर तकनीक के इस उपयोग से ग्रामीण समाज को नई दिशा मिलेगी — क्योंकि अब हर विकास कार्य का हिसाब हर नागरिक की नज़रों के सामने होगा।










