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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय

KPN24:- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य के किसानों से खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के संबंध में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

बैठक में तय किया गया कि राज्य के 25 लाख से अधिक किसानों से 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जाएगी। यह खरीदी 15 नवंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक की जाएगी।

धान खरीदी प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता और त्वरित भुगतान व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। किसानों को भुगतान 6 से 7 दिन के भीतर प्राप्त होगा।

ऑनलाइन टोकन व्यवस्था :
धान खरीदी प्रक्रिया को और सरल बनाने के लिए “टोकन तुहर हाथ” मोबाइल ऐप के माध्यम से ऑनलाइन टोकन की व्यवस्था की गई है। इससे किसानों को सहकारी समितियों में लगने वाली लंबी कतारों से मुक्ति मिलेगी। किसान अपनी सुविधा अनुसार तारीख चुनकर टोकन प्राप्त कर सकेंगे।

प्रमुख निर्णय एवं प्रावधान :

खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में किसानों से 21 क्विंटल प्रति एकड़ की सीमा तक धान खरीदा जाएगा।

ई-केवाईसी और एग्रीस्टेक पोर्टल के माध्यम से किसान पंजीयन अनिवार्य होगा। इससे किसानों की सही पहचान और डुप्लीकेशन रोकने में मदद मिलेगी। पंजीयन की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर 2025 निर्धारित की गई है।

डिजिटल क्रॉप सर्वे के माध्यम से 23 लाख हेक्टेयर रकबे का सर्वे किया गया है, जिससे धान उत्पादन क्षेत्र का ऑनलाइन निर्धारण सुनिश्चित हुआ है।

प्रदेश के 20,000 ग्रामों में 2 अक्टूबर से डिजिटल सर्वे एवं मैन्युअल गिरदावरी का डेटा ग्राम सभाओं में पठन-पाठन कराया जा रहा है।

वास्तविक किसानों से खरीदी सुनिश्चित करने के लिए बायोमैट्रिक आधारित खरीदी व्यवस्था लागू की जाएगी।

राज्य के 2739 खरीदी केंद्रों के माध्यम से धान खरीदी की जाएगी। समितियों को बिना नुकसान (शून्य सुखत) धान खरीदी पर 5 रुपए प्रति क्विंटल प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।

धान खरीदी हेतु आवश्यकतानुसार नए एवं पुराने जूट बारदानों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।

भारत सरकार के खाद्य विभाग द्वारा राज्य को 73 लाख मीट्रिक टन चावल केंद्रीय पूल में जमा करने का लक्ष्य दिया गया है।

धान की रिसाइक्लिंग रोकने और मॉनिटरिंग को सशक्त बनाने के लिए पहली बार इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर मार्कफेड कार्यालय में स्थापित किया जाएगा। जिलों में भी कंट्रोल रूम बनाए जाएंगे।

खरीदी केंद्रों में सुगम व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए कलेक्टरों द्वारा प्रशासनिक अधिकारियों को खरीदी केंद्र प्रभारी बनाया जाएगा।

सीमावर्ती राज्यों से धान की अवैध आवक रोकने हेतु विशेष चेकिंग दलों का गठन किया जाएगा।

धान के उठाव और परिवहन में मितव्ययता सुनिश्चित करने के लिए भौतिक सत्यापन और निगरानी व्यवस्था लागू की जाएगी।

मंत्रिपरिषद ने कहा कि इस वर्ष की खरीदी प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, तकनीक आधारित और किसान हितैषी होगी, जिससे राज्य के किसानों को समय पर उचित मूल्य और सुविधाएं प्राप्त होंगी।

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Author: Kpn 24

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