
KPN24:- मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के सिविल लाइन थाना क्षेत्र से इंसानियत को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। एक ढाबा संचालक और उसके साथियों ने अपने पूर्व कर्मचारी की सरेआम लात-घूंसों और डंडों से निर्मम पिटाई कर दी। हैरानी की बात यह रही कि इस अमानवीय कृत्य का वीडियो खुद आरोपियों ने बनवाया और सोशल मीडिया पर वायरल भी कर दिया।
वीडियो सामने आने के बाद पुलिस हरकत में आई और तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
पीड़ित युवक की पहचान कुपी गांव निवासी उमेश आदिवासी के रूप में हुई है। उमेश सटई रोड पर मजदूरी करता है और कुछ समय पहले तक कलेक्टर बंगले के पास स्थित एक ढाबे पर काम करता था। करीब दो महीने पहले उसने नौकरी छोड़ दी थी, जिसके बाद ढाबा संचालक सतेंद्र सिंह उर्फ जंटू चौहान उससे नाराज चल रहा था।
वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि दो युवक उमेश को बेरहमी से पीट रहे हैं, जबकि तीसरा व्यक्ति इस पूरी घटना की वीडियो रिकॉर्डिंग कर रहा था। पिटाई के दौरान पीड़ित बार-बार हाथ जोड़कर रहम की भीख मांगता रहा, लेकिन आरोपी नहीं माने। वीडियो में आरोपियों को यह कहते सुना गया — “पुलिस भी हमारा कुछ नहीं बिगाड़ पाएगी।”
जब उमेश ने पिटाई का कारण पूछा तो उसे और भी ज़्यादा पीटा गया।
घटना के बाद पीड़ित उमेश ने सिविल लाइन थाने में दोनों आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। इस संबंध में थाना प्रभारी सतीश सिंह ने बताया कि दो दिन पहले इसी ढाबे से अवैध शराब ज़ब्त की गई थी। आरोपियों को शक था कि उमेश ने ही पुलिस को इसकी सूचना दी थी। इसी शक के चलते उसके साथ यह मारपीट की गई।
थाना प्रभारी के अनुसार, मुख्य आरोपी सतेंद्र सिंह जंटू चौहान आपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति है, जिसके खिलाफ पहले से ही 23 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
पीड़ित उमेश आदिवासी ने पुलिस और प्रशासन से अपनी सुरक्षा एवं न्याय की मांग की है। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि कानून के भय के बिना अपराधी किस तरह खुलेआम हिंसा को अंजाम देकर उसे सोशल मीडिया पर प्रचारित कर रहे हैं।










