
✳️ पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय के प्रयासों से कमरीद गांव में दिखा सकारात्मक बदलाव
✳️ शराब छोड़ अब स्वरोजगार और खेती-बाड़ी से बदल रही ग्रामीणों की जिंदगी
KPN24:- जांजगीर-चांपा जिले के पामगढ़ थाना क्षेत्र का कमरीद गांव आज पूरे जिले के लिए प्रेरणा का केंद्र बन गया है। कभी यह गांव अवैध शराब निर्माण के लिए जाना जाता था, लेकिन अब यही गांव नशामुक्ति और आत्मनिर्भरता की राह पर चलकर नई मिसाल कायम कर रहा है।
यह बदलाव संभव हुआ है पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय के सतत प्रयासों और जन-जागरूकता अभियानों के परिणामस्वरूप। पिछले कुछ महीनों से पुलिस टीम द्वारा निरंतर सबरिया समाज के लोगों के बीच बैठकें लेकर उन्हें नशे के दुष्परिणामों के बारे में समझाया गया। नतीजा यह हुआ कि अब गांव के लोगों ने शराब बनाना पूरी तरह छोड़ दिया है और खेती-बाड़ी, सब्जी उत्पादन एवं स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
आज ग्राम कमरीद में आयोजित कार्यक्रम में जनपद सदस्य श्रवण गोड़, समाज प्रमुख नरसिंह गोड़, तिलक राम गोड़ सहित बड़ी संख्या में सबरिया समाज के महिला-पुरुष उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने बताया कि अब वे खेतों में मेहनत कर अपनी जिंदगी सुधार रहे हैं और गांव को आत्मनिर्भर बना रहे हैं। उन्होंने पुलिस अधीक्षक को अपने खेतों का निरीक्षण भी कराया।
यह सामाजिक परिवर्तन थाना पामगढ़ प्रभारी मनोहर सिन्हा और शिवरीनारायण थाना प्रभारी के लगातार जनसंपर्क और मार्गदर्शन से संभव हुआ है। गांव के लोगों ने सामूहिक रूप से यह प्रण लिया कि अब कभी भी अवैध शराब नहीं बनाएंगे और अपने बच्चों को भी नशे से दूर रहने की शिक्षा देंगे।
गौरतलब है कि हाल ही में सबरिया समाज के लोग रायगढ़ जिले के लैलूंगा गेंदा महोत्सव में शामिल हुए थे, जहां उन्होंने गेंदा फूल की खेती के बारे में जानकारी प्राप्त की। अब वे इस खेती को अपनाने जा रहे हैं, जिससे गांव की आर्थिक स्थिति और मजबूत होगी। कार्यक्रम में क्षेत्र के गणमान्य नागरिक, पुलिस अधिकारी और समाज के वरिष्ठजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
“कमरीद गांव का यह कदम सिर्फ एक बदलाव नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणा है — नशे से मुक्ति की ओर, आत्मनिर्भर भारत की दिशा में।”










