
KPN24:- जांजगीर-चांपा जिले के किसानों को एग्रीस्टैक योजना से जोड़ने के लिए प्रशासन पूरी ताकत झोंक चुका है। इसी कड़ी में कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने आज बम्हनीडीह, नवागढ़ और पामगढ़ विकासखंडों का दौरा कर विभिन्न सेवा सहकारी समितियों में चल रहे एग्रीस्टैक पंजीयन शिविरों का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने किसानों से सीधा संवाद किया और पंजीयन प्रक्रिया में आ रही वास्तविक समस्याओं — जैसे खसरा मिलान, मोबाइल-आधार लिंक, फिंगर प्रिंट मिलान, भूमि अभिलेख सुधार — की बारीकी से जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी पात्र किसान को पंजीयन से वंचित नहीं रहने दिया जाए।
कलेक्टर ने करनौद, बिर्रा (बम्हनीडीह), केरा (नवागढ़) और खरौद, पामगढ़ समितियों का निरीक्षण कर पंजीयन की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि “अब केवल चार दिन शेष हैं, 31 अक्टूबर तक सभी किसानों का पंजीयन मिशन मोड में पूर्ण हो जाना चाहिए।”
उन्होंने राजस्व अमले को निर्देशित किया कि पटवारी, तहसीलदार और नायब तहसीलदार रोजाना समितियों में उपस्थित रहें, किसानों की मदद करें और वहीं पर समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करें। साथ ही यह भी कहा कि सभी अधिकारी अपनी आईडी हर घंटे जांचें और पेंडिंग आवेदन तुरंत स्वीकृत करें।
कलेक्टर महोबे ने सभी एसडीएम को व्यक्तिगत मॉनिटरिंग करने के निर्देश देते हुए कहा कि खाद्य, सहकारिता, कृषि और राजस्व विभागों के बीच मजबूत समन्वय बनाया जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आदेश दिया कि ग्राउंड स्टाफ को समितियों में सक्रिय रखें और किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए तत्पर रहें।
उन्होंने कहा कि जिन किसानों का एग्रीस्टैक और एकीकृत रकबा मिलान कार्य पूरा हो गया है, उनका रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जाए, ताकि उन्हें बार-बार समिति में न आना पड़े। साथ ही जिन गांवों में मैपिंग या तकनीकी दिक्कतें हैं, उनकी सूचना तुरंत भू-अभिलेख शाखा को भेजने के निर्देश दिए।
अंत में कलेक्टर ने किसानों से अपील की — “जो किसान अभी तक एग्रीस्टैक पंजीयन नहीं करा पाए हैं, वे तुरंत अपने नजदीकी सेवा सहकारी समिति में जाकर पंजीयन कराएं। यह पंजीयन आपके कृषि अधिकारों और सरकारी योजनाओं से जुड़ने की कुंजी है।”
निरीक्षण के दौरान एसडीएम चांपा पवन कोसमा, एसडीएम पामगढ़ देवेंद्र चौधरी, तहसीलदार, विभागीय अधिकारी और समिति प्रबंधक मौजूद रहे।










