
“नई दरें किसानों और जनता को वास्तविक मूल्य का लाभ दिलाएँगी” — मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
KPN24 :- छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्यभर में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों की गाइडलाइन दरों का सात वर्षों बाद व्यापक और वैज्ञानिक पुनरीक्षण कर ऐतिहासिक निर्णय लिया है। यह कदम किसानों, भूमिस्वामियों और आम नागरिकों के हित में उठाया गया है।
2017-18 के बाद दरों में संशोधन न होने से गाइडलाइन दरें वास्तविक बाजार मूल्य से काफी पीछे रह गई थीं। शहरी क्षेत्रों में एक ही सड़क या वार्ड में दरों में असमानता थी, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में समान मार्ग पर बसे गाँवों की दरों में भारी अंतर देखने को मिलता था, जिससे किसानों को बैंक लोन और मुआवज़े में नुकसान उठाना पड़ रहा था।
वाणिज्यिक कर (पंजीयन) मंत्री ओ. पी. चौधरी के दिशा-निर्देशन में नई दरों को रोड-वाइज और वैज्ञानिक मैपिंग के आधार पर तैयार किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में सभी गाँवों को नक्शे में जोड़कर समान परिस्थितियों के अनुरूप तर्कसंगत दरें तय की गईं।
नई दरों से सीधा लाभ
नगरीय क्षेत्रों में लगभग 20% वृद्धि
ग्रामीण क्षेत्रों में 50% से 300% तक वृद्धि
किसानों को भूमि अधिग्रहण में अब 3 गुना तक अधिक मुआवज़ा
संपत्ति के विरुद्ध बैंक से अधिक ऋण
नागरिकों के लिए सरल, पारदर्शी और स्पष्ट दरें
मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि यह पुनरीक्षण जनता के हितों को सर्वोपरि रखते हुए पूरी पारदर्शिता के साथ किया गया है। राज्य में अब मूल्य-विसंगतियाँ कम होंगी और हर नागरिक को उसकी संपत्ति का न्यायसंगत मूल्य मिलेगा।
मुख्यमंत्री का संदेश
“नई गाइडलाइन दरें किसानों, भूमिस्वामियों और आम नागरिकों को वास्तविक लाभ दिलाएँगी। हमारा उद्देश्य है कि हर व्यक्ति को उसकी संपत्ति का उचित मूल्य मिले और कोई भी विसंगति न रहे।” — विष्णु देव साय










