
धार और खरगोन दोनों जिलों के परिवहन अधिकारी एक-दूसरे पर टाल रहे कार्रवाई
मनीष विद्यार्थी खरगोन
KPN24 :- खरगोन जिला परिवहन विभाग और यातायात पुलिस दोपहिया वाहन चालकों को नियमों का पाठ पढ़ाने और हेलमेट-सीट बेल्ट की जांच में कोई कसर नहीं छोड़ते, लेकिन भारी माल वाहन और यात्री बसों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर जिम्मेदारी दिखाने से अक्सर बचते नज़र आते हैं। शहर और ग्रामीण इलाकों में ऐसे वाहनों का संचालन खुलेआम देखा जा सकता है, जिन पर अधिकारी सख़्ती बरतने से कतराते हैं।
इसी तरह का मामला खरगोन से गुजरात के बीच नियमित चलने वाली स्लीपर यात्री बस (एमपी 11 ZG 3826) का सामने आया है। यह बस शहर के बस स्टैंड, गायत्री मंदिर, बांवड़ी चौक और कलेक्टर कार्यालय के सामने से गुजरते हुए कई थाना क्षेत्रों से निकलती है और बेतहाशा धुआं छोड़ते हुए पर्यावरण मानकों की धज्जियाँ उड़ाती रहती है।
सीएम हेल्पलाइन में डेढ़ महीने से लटकी शिकायत
मुख्यमंत्री द्वारा सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के त्वरित समाधान के निर्देशों के बाद भी इस बस से होने वाले धुएं और प्रदूषण की शिकायत 31 अक्टूबर से लंबित है। लगभग डेढ़ महीने बीत चुके हैं, लेकिन अब तक विभागीय कार्रवाई नहीं हो सकी है।
दोनों जिले एक-दूसरे पर डाल रहे जिम्मेदारी की गेंद
यह बस धार जिले में पंजीकृत है, जबकि इसका संचालन खरगोन से किया जा रहा है। ऐसे में दोनों जिले के परिवहन अधिकारी अपनी-अपनी दलीलें दे रहे हैं, लेकिन कार्रवाई पर निर्णय लेने से बच रहे हैं।
धार आरटीओ का पक्ष
“सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत के बाद जांच की गई। बस का पंजीयन हमारे यहां है लेकिन संचालन खरगोन से किया जा रहा है। ऐसे में कार्रवाई हमारे अधिकार क्षेत्र में नहीं आती। हमने इस संबंध में खरगोन आरटीओ को पत्र लिखा है।”
ह्रर्देश यादव, आरटीओ, धार
खरगोन परिवहन अधिकारी का जवाब
“धुआं छोड़कर चलने वाली बस की जानकारी मिली है। संचालन से संबंधित तथ्य एकत्र कर बस जब्त करने सहित आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।”
रितु अग्रवाल, परिवहन अधिकारी, खरगोन
कलेक्टर का आश्वासन: होगी कार्रवाई
“मामले की जानकारी प्राप्त हुई है। परिवहन अधिकारी को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए जाएंगे।”
भव्या मित्तल, कलेक्टर, खरगोन










