
चरित्र शंका में पत्नी की पीट-पीटकर हत्या, 6 माह के मासूम की भी गई जान
मनीष विद्यार्थी खरगोन।
KPN24:- खरगोन जिले के थाना बेड़िया क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बकावा में हुए सनसनीखेज डबल मर्डर मामले का पुलिस ने महज 12 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। इस हृदयविदारक घटना में एक महिला और उसके 6 माह के मासूम बच्चे की निर्मम हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने महिला के पति को ही इस जघन्य अपराध का आरोपी मानते हुए गिरफ्तार कर लिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम बकावा में बाड़े में बनी एक टपरी में महिला एवं एक शिशु के मृत अवस्था में पड़े होने की सूचना मिलते ही थाना बेड़िया पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। घटनास्थल के सूक्ष्म निरीक्षण में मृत महिला के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान पाए गए, जिससे प्रथम दृष्टया यह स्पष्ट हुआ कि महिला की मौत मारपीट से हुई है, जबकि शिशु की मृत्यु दम घुटने से होने की आशंका जताई गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक खरगोन रविंद्र वर्मा के निर्देशन एवं एसडीओपी बड़वाह श्रीमती अर्चना रावत के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी बेड़िया उप निरीक्षक धर्मेन्द्र यादव के नेतृत्व में विशेष पुलिस टीम गठित की गई।
पुलिस टीम द्वारा घटनास्थल पर मौजूद साक्ष्यों को संकलित कर मृतका के पति सुनील सोलंकी से पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान उसकी गतिविधियां संदिग्ध प्रतीत होने पर पुलिस ने मनोवैज्ञानिक तरीके से सख्ती से पूछताछ की, जिसमें आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
आरोपी सुनील सोलंकी ने बताया कि उसे अपनी पत्नी के चरित्र पर शंका थी, इसी बात को लेकर उसने डंडे से पत्नी की बेरहमी से पिटाई की और पेट पर लात मारी, जिससे गंभीर चोट लगने के कारण उसकी मौत हो गई। घटना के दौरान 6 माह का बच्चा रोने लगा, जिसे चुप कराने के लिए आरोपी ने उसके मुंह पर कंबल ढक दिया, जिससे दम घुटने से मासूम की भी मौत हो गई।
गिरफ्तार आरोपी का विवरण
सुनील पिता रायसिंह सोलंकी,
जाति – मानकर
निवासी – पेमगढ़, थाना उदयनगर, जिला देवास
हाल मुकाम – ग्राम बकावा, थाना बेड़िया, जिला खरगोन
इनकी रही अहम भूमिका
इस पूरे मामले के खुलासे में एसडीओपी बड़वाह श्रीमती अर्चना रावत के मार्गदर्शन एवं थाना प्रभारी बेड़िया उप निरीक्षक धर्मेन्द्र यादव के नेतृत्व में उनि. हरिप्रसाद पाल, सउनि महबूब खान, प्रआर राजेन्द्र चौहान, प्रआर महिपाल, आरक्षक दुलेसिंह, आरक्षक अनिल, महिला आरक्षक स्वाति, आरक्षक सरदार, एफएसएल अधिकारी डॉ. सुनील मकवाना एवं उनकी टीम, फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट निरीक्षक महेश गहलोद की टीम तथा डॉग स्क्वाड का विशेष योगदान रहा।










