
KPN24:- जब संसाधन कम हों लेकिन सपने बड़े हों, तब एक सही पहल किसी बच्चे की पूरी ज़िंदगी बदल सकती है। ऐसी ही एक प्रेरणादायक शुरुआत है “धरोहर – प्रतिभा को अवसर”, जो शिक्षा और सामाजिक सशक्तिकरण के क्षेत्र में एक नई उम्मीद बनकर सामने आई है।
यह शैक्षणिक पहल जे. पी. पुष्प सर (पूर्व प्राचार्य, जैजैपुर) के मार्गदर्शन एवं उनके पूर्व छात्रों के आर्थिक सहयोग से शुरू की जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभावान बच्चों को निःशुल्क कोचिंग उपलब्ध कराकर प्रतियोगी परीक्षाओं की गुणवत्तापूर्ण तैयारी कराना है, ताकि कोई भी प्रतिभा केवल संसाधनों के अभाव में पीछे न रह जाए।
केवल पढ़ाई नहीं, जीवन निर्माण का संकल्प
“धरोहर” सिर्फ परीक्षा पास कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका लक्ष्य युवाओं के सर्वांगीण विकास के माध्यम से एक शिक्षित, स्वावलंबी और सशक्त समाज की नींव रखना है। संस्था का मानना है कि सही दिशा, सटीक मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर हर बच्चा न केवल अपना भविष्य संवार सकता है, बल्कि समाज को भी नई दिशा दे सकता है।
नशे से दूर, नैतिक मूल्यों के करीब
यह पहल युवाओं को नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रखते हुए उन्हें शिक्षा, अनुशासन, नैतिक मूल्यों और सकारात्मक सोच से जोड़ने का प्रयास करती है। ताकि समाज को केवल सफल विद्यार्थी ही नहीं, बल्कि जिम्मेदार, संवेदनशील और अच्छे नागरिक भी मिल सकें।
सपनों को पंख देने की पहल
“धरोहर” उन बच्चों के लिए आशा की किरण है, जो सपने तो बड़े देखते हैं, लेकिन साधनों की कमी के कारण पीछे रह जाते हैं। यह पहल यह संदेश देती है कि—
प्रतिभा किसी वर्ग की मोहताज नहीं होती,
उसे केवल अवसर की आवश्यकता होती है।
धरोहर – प्रतिभा को अवसर
शिक्षा से स्वावलंबन, स्वावलंबन से सशक्त समाज।










