
KPN24.com रायपुर, 26 फरवरी 2026
प्रदेश में बिजली व्यवस्था को पारदर्शी और डिजिटल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने “स्मार्ट मीटर जागरूकता पखवाड़ा” के जरिए भरोसे की नई इबारत लिखी है। 9 फरवरी से 23 फरवरी तक चले इस प्रदेशव्यापी अभियान में करीब 73 हजार उपभोक्ताओं ने अपनी प्रतिक्रिया दर्ज कराई, जिनमें से 72,966 उपभोक्ताओं ने “मोर बिजली” ऐप के माध्यम से फीडबैक दिया।
इनमें 52,601 स्मार्ट मीटर उपभोक्ता और 20,365 नॉन-स्मार्ट मीटर उपभोक्ता शामिल रहे। बड़ी बात यह रही कि अधिकांश उपभोक्ताओं ने स्मार्ट मीटर प्रणाली को पारदर्शी, सटीक और विश्वसनीय बताया। यह आंकड़ा साफ संकेत देता है कि प्रदेश में डिजिटल बिजली व्यवस्था को लेकर लोगों का भरोसा लगातार मजबूत हो रहा है।
रायपुर आगे, चांपा डिवीजन ने भी दिखाया दम
फीडबैक दर्ज कराने में रायपुर शहर प्रथम स्थान पर रहा। इसके बाद दुर्ग-भिलाई और बिलासपुर ने क्रमशः दूसरा और तीसरा स्थान हासिल किया।
संभागीय स्तर पर चांपा डिवीजन से सर्वाधिक 3,077 फीडबैक प्राप्त हुए। वहीं जोन स्तर पर कोरबा के पोंडीमार जोन से 1,177 उपभोक्ताओं ने अपनी प्रतिक्रिया दी। वितरण केंद्रों में सकरी (बिलासपुर) वितरण केंद्र 757 फीडबैक के साथ अव्वल रहा।
डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में मजबूत पहल
15 दिवसीय इस अभियान के दौरान नुक्कड़ नाटक, प्रदर्शनी, जनसंवाद, उपभोक्ता शिविर और तकनीकी प्रदर्शन के माध्यम से स्मार्ट मीटर की कार्यप्रणाली और उसके लाभों की विस्तृत जानकारी दी गई। उपभोक्ताओं को बताया गया कि स्मार्ट मीटर से—
रियल टाइम बिजली खपत की निगरानी संभव
बिलिंग प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और सटीक
ओवरलोड या अनियमितता की त्वरित सूचना
मैनुअल रीडिंग की त्रुटियों का अंत
बिजली चोरी पर प्रभावी नियंत्रण
ऑनलाइन भुगतान और ऐप आधारित सेवाओं की सुविधा
“मोर बिजली” मोबाइल ऐप के जरिए खपत, बिल और शिकायतों की जानकारी तत्काल प्राप्त करने की प्रक्रिया भी समझाई गई।
भरोसे की नई तस्वीर
स्मार्ट मीटर जागरूकता पखवाड़ा ने केवल तकनीकी जानकारी ही नहीं दी, बल्कि विभाग और उपभोक्ताओं के बीच संवाद और विश्वास को भी नई मजबूती प्रदान की। पारदर्शिता, जवाबदेही और डिजिटल भागीदारी की दिशा में यह अभियान एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुआ है।










