
KPN24.com रायपुर 18 मार्च 2026
छत्तीसगढ़ में बदलते हालात की एक मजबूत और प्रेरक तस्वीर सामने आई है। बीजापुर और कांकेर से आए 140 आत्मसमर्पित नक्सलियों ने आज विधानसभा परिसर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मुलाकात कर मुख्यधारा में लौटने की अपनी नई शुरुआत की कहानी साझा की।
यह मुलाकात सिर्फ औपचारिक नहीं, बल्कि डर और हिंसा से भरोसे और विकास की ओर बढ़ते छत्तीसगढ़ की गवाही बन गई।
जंगल से जनजीवन तक: बदल चुकी है ज़िंदगी
मुख्यमंत्री से संवाद के दौरान आत्मसमर्पित नक्सलियों ने खुलकर अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि—
पहले उनका जीवन जंगलों में भय, असुरक्षा और अनिश्चितता के बीच बीतता था
अब वे अपने परिवार के साथ सुरक्षित, सम्मानजनक और स्थिर जीवन जी रहे हैं
कुछ ने भावुक होकर कहा कि उन्होंने पहली बार होली जैसे त्योहार को परिवार के साथ मनाया—जो उनके लिए जीवन का सबसे सुखद अनुभव रहा।
विकास ने बदली तस्वीर
नक्सल प्रभावित इलाकों में अब तेजी से बदलाव दिख रहा है। आत्मसमर्पित लोगों ने बताया कि—, सड़कों का विस्तार हुआ है, बिजली और बुनियादी सुविधाएं पहुंची हैं, गांवों में अब सरकार की मौजूदगी और विकास का असर साफ नजर आता है
CM साय का संदेश: “यह बदलाव पूरे प्रदेश के भविष्य की नींव”
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सभी का स्वागत करते हुए कहा कि यह फैसला केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में बड़ा कदम है।
उन्होंने कहा कि संविधान पर विश्वास जताकर इन लोगों ने समाज के सामने सकारात्मक और प्रेरणादायक उदाहरण पेश किया है।
सरकार का भरोसा: पुनर्वास से रोजगार तक पूरी जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार आत्मसमर्पित नक्सलियों के—, पुनर्वास, रोजगार, सामाजिक पुनर्स्थापन
के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के नक्सलवाद उन्मूलन के संकल्प को जल्द ही पूरा किया जाएगा और प्रदेश में नक्सलवाद अब अपने अंतिम दौर में है।
ये भी रहे मौजूद
इस महत्वपूर्ण अवसर पर गृहमंत्री विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव निहारिका बारिक भी उपस्थित रहीं।










