
KPN24.com रायपुर 31 मार्च 2026
छत्तीसगढ़ में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती देते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज 370 अत्याधुनिक एम्बुलेंस को हरी झंडी दिखाकर प्रदेश के विभिन्न जिलों के लिए रवाना किया। इस बड़ी पहल के साथ ही 108 एम्बुलेंस सेवा का राज्यव्यापी संचालन तत्काल प्रभाव से शुरू हो गया है, जिससे आपात स्थिति में मरीजों को तेज़ और बेहतर चिकित्सा सहायता उपलब्ध हो सकेगी।
इन एम्बुलेंस में 300 बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS) और 70 एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट (ALS) वाहन शामिल हैं। खास बात यह है कि पहली बार प्रदेश में 5 नियोनेटल ALS एम्बुलेंस भी शुरू की गई हैं, जो नवजात शिशुओं की गंभीर चिकित्सा स्थिति में उन्हें सुरक्षित रूप से उच्च स्तरीय अस्पतालों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाएंगी।
15 मिनट शहर में, 30 मिनट गांव में पहुंचेगी मदद
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं में लगातार सुधार हो रहा है और पिछले दो वर्षों में इसमें व्यापक बदलाव देखने को मिले हैं। उन्होंने कहा कि अब लोगों का भरोसा सरकारी अस्पतालों पर बढ़ा है क्योंकि उन्हें समय पर इलाज मिल रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि शहरी क्षेत्रों में 15 मिनट और ग्रामीण क्षेत्रों में 30 मिनट के भीतर एम्बुलेंस सेवा उपलब्ध कराई जाए, ताकि हर जरूरतमंद मरीज तक समय पर स्वास्थ्य सहायता पहुंच सके। उन्होंने कहा कि 108 एम्बुलेंस सेवा का यह विस्तार प्रदेशवासियों को संकट की घड़ी में मजबूत भरोसा देगा।
नवजातों के लिए ‘चलते-फिरते ICU’ की शुरुआत
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं के लिहाज से यह दिन छत्तीसगढ़ के लिए ऐतिहासिक है। उन्होंने बताया कि नियोनेटल एम्बुलेंस सेवा शुरू करने वाला छत्तीसगढ़ देश का दूसरा राज्य बन गया है।
उन्होंने कहा कि इन एम्बुलेंस में अत्याधुनिक उपकरण और प्रशिक्षित स्टाफ की व्यवस्था की गई है, जिससे गंभीर स्थिति में नवजात शिशुओं को बेहतर उपचार मिल सकेगा।
आधुनिक सुविधाओं से लैस एम्बुलेंस
नियोनेटल ALS एम्बुलेंस को विशेष रूप से नवजात शिशुओं की आपात चिकित्सा के लिए तैयार किया गया है। इनमें इन्क्यूबेटर, वेंटिलेटर, डिफिब्रिलेटर, सिरिंज पंप, नेब्युलाइज़र, सक्शन मशीन, ऑक्सीजन सपोर्ट और 41 प्रकार की आपातकालीन दवाओं सहित सभी जरूरी जीवनरक्षक उपकरण मौजूद हैं। विशेषज्ञ चिकित्सकों का ऑनलाइन मार्गदर्शन भी उपलब्ध रहेगा।
इसके अलावा BLS और ALS एम्बुलेंस में बीपी मॉनिटर, पल्स ऑक्सीमीटर, ईसीजी मॉनिटर, ग्लूकोमीटर, नेब्युलाइजेशन, पोर्टेबल वेंटिलेटर और अन्य आधुनिक उपकरण लगाए गए हैं, जिससे मौके पर ही मरीज को प्राथमिक और उन्नत चिकित्सा सहायता मिल सके।
स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी नई रफ्तार
सरकार का मानना है कि यह पहल शहरी और दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को तेज़, सुलभ और प्रभावी बनाएगी तथा प्रदेश में एक मजबूत जीवनरक्षक तंत्र स्थापित करेगी।
इस अवसर पर विधायक मोतीलाल साहू, विधायक इंद्र कुमार साहू, सीजीएमएससी के अध्यक्ष दीपक म्हस्के, स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया, संचालक स्वास्थ्य सेवाएं संजीव झा, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के प्रबंध संचालक रणबीर शर्मा और चिकित्सा शिक्षा आयुक्त रितेश अग्रवाल सहित स्वास्थ्य विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।










