
KPN24.com बिलासपुर 20 जून 2026
महिलाओं को संवाद, नेतृत्व और आत्मविकास का सशक्त मंच प्रदान करने के उद्देश्य से आयोजित “महिला संवाद एवं सशक्तीकरण कार्यक्रम – चाय पर चर्चा” का सफल आयोजन शनिवार को होटल रीति रिवाज, सिपत चौक, बिलासपुर में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं ने सहभागिता करते हुए सामाजिक जागरूकता, नेतृत्व क्षमता और आत्मनिर्भरता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर खुलकर विचार साझा किए।
कार्यक्रम का मुख्य संदेश “आइए संवाद करें, विचार साझा करें और नई संभावनाओं की ओर बढ़ें” रहा। पूरे आयोजन के दौरान महिलाओं ने अपने अनुभवों, चुनौतियों और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के संकल्प को साझा किया।
मुख्य वक्ता भारवी वैष्णव ने महिला सशक्तीकरण, सामाजिक सहभागिता एवं मातृशक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रभावशाली विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि शिक्षित, जागरूक और आत्मनिर्भर महिलाएं ही समाज की वास्तविक परिवर्तनकारी शक्ति हैं। वर्तमान में वे सीजी कॉलेज ऑफ नर्सिंग, रायपुर-बिलासपुर में प्रशासनिक अधिकारी होने के साथ धर्मजागरण समन्वय (मातृशक्ति कार्य) की प्रांत सह-संयोजिका तथा भारतीय स्त्री शक्ति, छत्तीसगढ़ की प्रांत सचिव के रूप में भी कार्यरत हैं।
विशिष्ट वक्ता रसिका पाण्डेय ने महिलाओं की अभिव्यक्ति, जागरूकता और सामाजिक नेतृत्व की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि समाज के प्रत्येक क्षेत्र में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी समय की आवश्यकता है।
कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित विभाग प्रचारक गणेश जी ने “राष्ट्र निर्माण में मातृशक्ति की भूमिका” विषय पर अपने विचार रखते हुए कहा कि सशक्त, संस्कारित और जागरूक मातृशक्ति ही मजबूत समाज और सशक्त राष्ट्र की आधारशिला है। उन्होंने माताओं को राष्ट्र के भविष्य की वास्तविक निर्माता बताते हुए परिवार और समाज में उनकी निर्णायक भूमिका को रेखांकित किया।
कार्यक्रम का आयोजन गर्गी फाउंडेशन की अध्यक्ष बिंदु सिंह कछवाहा के मार्गदर्शन में किया गया। उन्होंने कहा कि ऐसे संवादात्मक कार्यक्रम महिलाओं को आत्मविश्वास, नेतृत्व और सामाजिक चेतना से जोड़ने का प्रभावी माध्यम हैं। कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं ने समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने तथा महिला जागरूकता को नई दिशा देने का संकल्प लिया।
प्रमुख आकर्षण
✔ महिला संवाद एवं नेतृत्व पर सार्थक चर्चा
✔ सामाजिक जागरूकता और आत्मविकास पर विचार-विमर्श
✔ मातृशक्ति की राष्ट्र निर्माण में भूमिका पर विशेष उद्बोधन
✔ महिलाओं ने सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन का लिया संकल्प










